हिमाचल में लगातार बारिश-बर्फबारी से जनजीवन बेहाल, तीन दिन बाद भी 700 सड़कें बंद, बिजली-पानी की सप्‍लाई भी ठप

Himachal Pradesh Snowfall हिमाचल प्रदेश में जनवरी महीने में मौसम ने खूब तेवर दिखाए हैं। प्रदेश में तीन दिन लगातार जारी बारिश व बर्फबारी जनजीवन पर भारी पड़ी है। प्रदेश में तीन दिन बाद भी सैकड़ों सड़कें ठप हैं।

Rajesh Kumar SharmaPublish: Tue, 25 Jan 2022 08:54 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 09:31 AM (IST)
हिमाचल में लगातार बारिश-बर्फबारी से जनजीवन बेहाल, तीन दिन बाद भी 700 सड़कें बंद, बिजली-पानी की सप्‍लाई भी ठप

शिमला/धर्मशाला, जागरण टीम। Himachal Pradesh Snowfall, हिमाचल प्रदेश में तीन दिन लगातार जारी बारिश व बर्फबारी जनजीवन पर भारी पड़ी है। राजस्‍व विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि बारिश व बर्फबारी से बेशक जनजीवन प्रभावित हुआ है, मगर इसे पटरी पर लाने के प्रयास तेजी से जारी हैं। प्रदेश में ताजा बर्फबारी से 700 से अधिक सड़कों पर यातायात बाधित है। कई जगह सड़कों को नुकसान पहुंचा है। बिजली बोर्ड के 2300 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। दो हजार ट्रांसफार्मर को ठीक कर लिया गया है। जल शक्ति विभाग की 214 पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नुकसान के आंकड़े अभी जुटाए जा रहे हैं। यह प्रारंभिक अनुमान है।

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने कहा इस साल सात जनवरी को पहला हिमपात हुआ था। इसके बाद रविवार और सोमवार को कई जगहों पर पांच फीट से भी अधिक हिमपात हुआ। साथ ही 166 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकार्ड की गई। यह सामान्य से 183 फीसद अधिक है। इससे पेयजल स्रोत रिचार्ज हुए हैं। ग्लेशियरों पर बर्फ जमने से इनके पिघलने का खतरा कुछ कम होगा।

जनवरी की बारिश-बर्फबारी से 123 करोड़ का नुकसान

जनवरी में हुई बारिश व बर्फबारी ने हिमाचल को 123 करोड़ का झटका दिया है। प्रदेश में पहली जनवरी से अब तक हिमपात व बारिश से लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड व जल शक्ति विभाग को भारी नुकसान हुआ है। 23 दिन में प्रदेश में 93 लोगों की मौत हुई। इनमें सड़क हादसों में 67 लोगों की जान गई। 111 लोग घायल भी हुए। तीन कच्चे व 15 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए।

राजधानी में भारी हिमपात का रिकार्ड टूटा

राजधानी शिमला में हिमपात का नौ साल पुराना रिकार्ड टूटा है। नौ साल बाद 15 दिन के भीतर भारी हिमपात हुआ है। इससे पहले वर्ष 2012 में ऐसा हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार शिमला में नौ जनवरी को सीजन की पहली भारी बर्फबारी हुई थी। इस दौरान 30 सेंटीमीटर बर्फ गिरी थी, जबकि 22 और 23 जनवरी को 48 घंटे में 18 सेंटीमीटर हिमपात हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले साल पांच फरवरी को शिमला में 24 घंटे में 55 सेंटीमीटर बर्फ गिरी थी।

रेलगाडिय़ों की आवाजाही प्रभावित

दूसरे दिन सोमवार को भी शिमला-कालका रेल ट्रैक पर यातायात प्रभावित रहा। हालांकि सोमवार को तीन रेलगाडिय़ां शिमला से कालका पहुंची, जबकि कालका से शिमला के लिए एक रेलगाड़ी ही चल पाई। रविवार को सोलन जिला के तहत सपरून में ट्रैक का डंगा गिरने से शिमला से कालका के लिए रेलगाडिय़ां नहीं चल पाई थी। भारी बारिश के कारण बार-बार ट्रैक पर मलबा आ रहा है। इस दौरान शिमला जाने वाले अधिकतर पर्यटक या तो निजी वाहनों से शिमला पहुंचे या फिर बस के माध्यम से हिमपात का आनंद लेने के लिए शिमला पहुंच पाए। मौसम साफ रहा तो मंगलवार को सेवा पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। वहीं, टाय ट्रेन नहीं चलने से सैलानी मायूस हुए। हालांकि कई पर्यटक शिमला रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, लेकिन ट्रेन नहीं चलने से निराश हुए।

Edited By Rajesh Kumar Sharma

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