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आशा वर्कर्स के लिए स्‍थायी नीति बनाए सरकार - केवल पठानिया

स्वास्थ्य विभाग की आशा की किरण आशा वर्कर्स निराशा में हैं। क्‍योंक्‍ि1500 रुपये में काम हो रहा है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने में आशा वर्कर कड़ी मेहनत कर रही हैं।

By Richa RanaEdited By: Published: Fri, 27 Nov 2020 09:33 AM (IST)Updated: Fri, 27 Nov 2020 09:33 AM (IST)
आशा वर्कर्स  के लिए  स्‍थायी नीति बनाए सरकार - केवल पठानिया
आशा वर्करों को स्थायी स्वरूप प्रदान करने की नीति बनाई जाने की मांग।

धर्मशाला, जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग की आशा की किरण आशा वर्कर्स निराशा में हैं। क्‍योंक्‍ि1500 रुपये में काम हो रहा है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने में आशा वर्कर कड़ी मेहनत कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी आज तक आशा वर्करों को नाम मात्र 1500 रुपये वेतन मिल रहा है।

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ऐसे में आशा वर्कर्स को इस महंगाई के इस दौर में अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार और विभाग वर्कर्स की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है।

आशा वर्कर्स के लिए बने स्थायी नीति

पठानिया ने कहा कि राज्य में नियुक्त आशा वर्करों को स्थायी स्वरूप प्रदान करने की नीति बनाई जाने की प्रदेश सरकार से मांग की गई है कि आशा वर्करों को कम से कम स्थायी नीति न बनने तक 18000 रुपये प्रतिमाह मानेदय दिया जाए। जो स्वास्थ्य विभाग से सर्वे करवा रहा है उसकी सामग्री जैसे रजिस्टर और अन्य वांछनीय रजिस्टर दिया जाए। जिससे प्रत्येक नागरिक का रिकार्ड सुरक्षित रखा जा सके।

आशा वर्कर्स को सर्वे के लिए मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्ज किए जाएं प्रदान

सर्वे के दौरान आशा वर्कर्स को मास्क, सेनेटाइजर ओर ग्लब्ज भी प्रदान करे।पठानिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिख कर कहा कि आशा वर्कर की मांगों को पूरा करके इनको सम्मानित किया जाये जिससे आने बाले समय मे प्रदेश भर की आशा वर्कर हिम्मत और ईमानदारी से काम करे पहले भी प्रदेश भर में करोना वायरस जैसी भयंकर बीमारी में इन्होंहे आगे आ कर अपनी ओर अपने परिवार को जोखिम में डाल कर ईमानदारी से काम किया है।


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