मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक के साथ गुप्त बैठकों का क्या राज,जनता को बताएं आश्रय

मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह के बयान से भड़की चिंगारी से प्रतिभा सिंह पर हमलावर हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के पोते प्रदेश कांग्रेस महासचिव आश्रय शर्मा पर अब मार्केटिंग कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वीरभद्र सिंह परिवार के सिपहसालार हरेंद्र सेन ने पलटवार किया है।

Richa RanaPublish: Sat, 29 Jan 2022 04:26 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 04:26 PM (IST)
मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक के साथ गुप्त बैठकों का क्या राज,जनता को बताएं आश्रय

मंडी, जागरण संवाददाता। विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह के बयान से भड़की चिंगारी ने लपटों का रूप ले लिया है। कांग्रेस नेताओं में वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। प्रतिभा सिंह पर हमलावर हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के पोते प्रदेश कांग्रेस महासचिव आश्रय शर्मा पर अब मार्केटिंग कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वीरभद्र सिंह परिवार के सिपहसालार हरेंद्र सेन ने पलटवार किया है।

हरेंद्र सेन ने आश्रय शर्मा से पूछा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ रात के अंधेरे में गुपचुप भेंट करना व सदर हलके केे भाजपा विधायक अनिल शर्मा के कार्यक्रमों में शिरकत करने का राज क्या है। आश्रय शर्मा जनता में इस बात को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करें वह भाजपा में हैं, या फिर कांग्रेस पार्टी में। मंडी जिला में कांग्रेस पार्टी को कमजाेर करने का काम किसने किया है। जनता यह बात भलीभांति जानती है। विधानसभा चुनाव से पहले हर बार नौटंकी करना सुखराम परिवार की फितरत बन गई है। दरअसल अपने प्रवास के दौरान सांसद प्रतिभा सिंह ने पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को सदर हलके से उपयुक्त उम्मीदवार व सराज हलके से मिल्क फैडेरशन के पूर्व अध्यक्ष चेतराम ठाकुर को भावी विधायक कहा था।

बाखली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभा ने आश्रय शर्मा को राजनीति में नौसिखिया बताया था। प्रतिभा सिंह के इस बयान पर आश्रय शर्मा ने पलटवार कर उन्हें रण छोड़ कर भागने वाला कहा था। हरेंद्र सेन ने कहा कि प्रदेश का बच्चा-बच्चा इस बात से वाकिफ है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आश्रय शर्मा व उसके दादा पंडित सुखराम ने कांग्रेस में वापसी के लिए टिकट की शर्त रखी थी।

लोकसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता जवाब दे चुकी है। तभी चार लाख से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा था। प्रतिभा सिंह को जवाब देने की बात करने वाले यह भी बताएं कि उपचुनाव के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग क्यों नहीं किया और चुनाव प्रचार से क्यों दूरी बनाए रखी।

Edited By Richa Rana

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