दिव्यांगों का दर्द देख पसीजा मंत्री, मुख्य सचेतक का दिल

संवाद सहयोगी डलहौजी जिला चंबा के भटियात विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सुदली पंचायत में रविव

JagranPublish: Sun, 21 Nov 2021 07:46 PM (IST)Updated: Sun, 21 Nov 2021 07:46 PM (IST)
दिव्यांगों का दर्द देख पसीजा मंत्री, मुख्य सचेतक का दिल

संवाद सहयोगी, डलहौजी : जिला चंबा के भटियात विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सुदली पंचायत में रविवार को आयोजित 24वें जनमंच में दिव्यांगों का दर्द देखकर जनमंच की अध्यक्ष सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी सहित विधानसभा के मुख्य सचेतक विक्रम सिंह जरयाल व अन्य लोगों का दिल पसीज उठा। कैबिनेट मंत्री ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से कहा कि क्षेत्र में दिव्यांगता के काफी मामले हैं। ऐसे में इनके कारणों की जांच कर दिव्यांगों को हरसंभव सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जाए।

जनमंच में विभिन्न पंचायतों से दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने व पेंशन लगवाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान 10 दिव्यांगों की जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी कर उनके पेंशन के दस्तावेज भी लिए गए। संधारा गांव के हरबंस कुमार दिव्यांग हैं और उनकी 10 वर्ष की बेटी वंशिका व 12 वर्ष की बेटी अक्षिता भी दिव्यांग है। अक्षिता की स्थिति यह है कि वह दो लाठियों के सहारे टेड़े पैरों को सहारा देकर मुश्किल से चल पाती है। गरीब परिवार से संबंध रखने वाली वंशिका के कपड़े खराब न हों इसके लिए उसके माता-पिता उसकी दोनों टांगों में रबड़ की ट्यूब डालते हैं।

रविवार को जनमंच में भी इसी स्थिति में पहुंची वंशिका के पिता ने बताया कि वह बेटियों का प्रमाण पत्र बनवाने आए हैं। वंशिका व उसकी बड़ी बहन अक्षिता बचपन से दिव्यांग हैं। वंशिका को ज्यादा दिक्कत है, जबकि अक्षिता को थोड़ी दिव्यांगता है। उन्होंने बताया की बेटियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बन जाने के बाद पेंशन लग जाए तो काफी सहारा होगा। वंशिका की स्थिति देख दुखी हुई मंत्री सरवीण चौधरी व मुख्य सचेतक विक्रम जरयाल ने अधिकारियों को फौरन दोनों बच्चियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही बच्चियों को पेंशन भी लगा दी जाएगी।

जनमंच में बगढार पंचायत का निवासी दिव्यांग चमन लाल भी पहुंचा। उसकी किसी हादसे में एक टांग खराब हो गई थी, जिसे आपरेशन कर काटना पड़ा था। करीब डेढ़ माह पहले चमन लाल की टांग आपरेशन के माध्यम से काट दी गई थी। चमनलाल कारपेंटर का काम करता था, लेकिन अब चलने-फिरने में असमर्थ है। इससे उसके परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। चमन लाल अपनी पत्नी के साथ जनमंच में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने व पेंशन लगवाने के लिए पहुंचा था। इस दौरान उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया गया। इसके अलावा सात अन्य दिव्यांग भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर ही उनके प्रमाण पत्र बनवाकर राहत पहुंचाई।

Edited By Jagran

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