एसएमसी शिक्षकों के लिए शीघ्र बने स्थायी नीति

पीरियड बेस्ड स्कूल टीचर एसोसिएशन चंबा ने सोमवार को बैठक की।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 04:52 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 04:52 PM (IST)
एसएमसी शिक्षकों के लिए शीघ्र बने स्थायी नीति

संवाद सहयोगी, चंबा : पीरियड बेस्ड स्कूल टीचर एसोसिएशन चंबा ने सोमवार को बैठक की। जिला मुख्यालय चंबा में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने की। बैठक में सरकार से उनके लिए स्थायी नीति बनाने की भी गुहार लगाई।

उन्होंने कहा कि जब पूर्व में पीटीए, पैरा जीवीयू, पैट, एनआरएसटी, एसएमसी उर्दू, पंजाबी, पीसमील वर्कर और अन्य भर्तियों को सरकार ने समय-समय पर राहत देकर नियमित किया है तो स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) अध्यापकों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा, जबकि सभी एसएमसी शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पूरा करते हैं। बावजूद इसके शिक्षकों को बार-बार अस्थायी भर्ती बताकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी में कहा है कि स्थायी भर्ती मात्र तीन महीने के लिए होती है न कि 10 वर्ष के लिए। संघ के सदस्यों का कहना है कि प्रदेश में एसएमसी के तहत सेवाएं दे रहे शिक्षकों ने जनजातीय साहित्य अन्य कठिन क्षेत्रों में घर परिवार छोड़ कर निष्ठा भाव से सेवाएं दी हैं, लेकिन उनके लिए अभी तक सरकार की ओर से कोई स्थायी नीति न बनाने से उनका मनोबल दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि एसएमसी शिक्षकों के लिए जल्द स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि वह ईमानदारी व निष्ठा से सेवाएं जारी रखें और स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। बैठक में संघ के कोषाध्यक्ष सनी कुमार, मीडिया प्रभारी विजय कुमार, धर्मेश कुमार, बजर सिंह, रिकू राम, ललित कुमार, छिदू कुमार, सन्नी, उमेश कुमार, शीतल पाल, चेतन शर्मा, जालम सिंह शास्त्री बीडीसी चेयरमैन मैहला के अलावा संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Edited By Jagran

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