बरसात में बढ़ी ठंडक से बिगड़ी लोगों की सेहत, फसलों में नुकसान से मुरझाए किसानों के चेहरे

दो दिनों से हो रही बरसात ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। जिले में 34.42 एमएम बरसात हुई है। बरसात के साथ ठंडी हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं इस बरसात की वजह से किसानों के चेहरे भी मुरझाए हुए हैं। कई क्षेत्रों में बरसात का पानी खेतों में जमा हो गया है। जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक आलू की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल में पीला रतुआ आने का खतरा बना हुआ है।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 05:45 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 05:45 PM (IST)
बरसात में बढ़ी ठंडक से बिगड़ी लोगों की सेहत, फसलों में नुकसान से मुरझाए किसानों के चेहरे

जागरण संवाददाता, यमुनानगर:

दो दिनों से हो रही बरसात ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। जिले में 34.42 एमएम बरसात हुई है। बरसात के साथ ठंडी हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं इस बरसात की वजह से किसानों के चेहरे भी मुरझाए हुए हैं। कई क्षेत्रों में बरसात का पानी खेतों में जमा हो गया है। जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक आलू की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल में पीला रतुआ आने का खतरा बना हुआ है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 12 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रहा। सोमवार को भी बरसात की संभावना जताई जा रही है। वहीं रणजीपुर क्षेत्र में बरसात की वजह से सोम नदी का पानी खेतों में पहुंच गया। जिससे किसानों की काफी फसल बर्बाद हुई है।

बरसात से सड़कों पर जमा पानी :

शनिवार की रात से शुरू हुई बरसात रातभर लगातार चलती रही। रविवार को भी दिनभर बूंदाबांदी होती रही। जिसकी वजह से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। बरसात से सड़कों पर पानी जमा हो गया। जिससे वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। सहारनपुर कुरुक्षेत्र रोड हो या फिर लिक रोड हर जगह सड़क पर पानी जमा हो गया। खस्ताहाल सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। गड्ढों से बचने के लिए वाहनों की रफ्तार भी धीमी रखनी पड़ी।

अगले दो दिनों तक इसी प्रकार रह सकता है मौमस :

मौसम विशेषज्ञ डा. अजीत सिंह ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को भी बादल छाए रहेंगे और बरसात होने की संभावना है। जिले में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम मे बदलाव रहने की संभावना है। 24 व 25 जनवरी के दौरान बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज व चमक के साथ हवा चलने की संभावना है। जिससे हल्की व मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 9.5 डिग्री से 14.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 3.3 से 6 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

आलू के साथ गेहूं की फसल में भी नुकसान :

कृषि विशेषज्ञ डा. राकेश अग्रवाल का कहना है कि मौसम की मार पहले सब्जी उत्पादक किसानों पर पड़ चुकी है। अब बरसात से गेहूं व सरसों की फसल को भी नुकसान हो सकता है। खेतों में पानी जमा हो चुका है। जैसे ही मौसम खुलेगा। उससे गेहूं में पीला रतुआ की समस्या बढे़गी। ऐसे में किसानों को एहतियात बरतने की जरूरत है। बरसात के बाद किसानों को खेतों में जमा पानी निकाल देना चाहिए। पीला रतुआ दिखाई देने पर प्रति एकड़ 200 एमएल प्रोपीकोना जोल का स्प्रे करें।

कहां कितनी हुई बरसात :

ब्लाक - बरसात एमएम में

छछरौली - 48

बिलासपु र - 44

जगाधरी - 36

प्रतापनगर - 34

साढौरा - 28

सरस्वतीनगर - 26

रादौर - 25

ठंड से बढ़ेगी बुजुर्गों व बच्चों की परेशानी :

डिप्टी सिविल सर्जन डा. विजय परमार ने बताया कि यह मौसम बुजुर्गों व बच्चों के लिए अधिक नुकसानदेय हो सकता है। सर्दी के मौसम में बुजुर्गों को हृदयघात होने का खतरा रहता है। इसलिए जरूरी है कि इस मौसम में बुजुर्ग घर पर रहे। यदि जरूरी काम से बाहर निकलना हो, तो गर्म कपड़े व मफलर लपेटकर जाए। इस प्रकार बच्चों के हाइपोथर्मिया की चपेट में आने का खतरा रहता है। इसमें शरीर का तापमान तापमान लगातार कम होता रहता है। जिससे बच्चे को अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बारिश की बूंद लगने से बुखार के रोगी बढ़ रहे है। इस समय कोरोना महामारी भी फैल रही है। ऐसे में मरीजों को अधिक दिक्कत आ सकती है। इसलिए लापरवाही न करें। कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर डाक्टर को दिखाएं। सर्दी व बरसात से बचकर रहें।

Edited By Jagran

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