जिलेभर के सेक्टरों में आठ महीने बाद जारी होंगे पानी के बिल

सेक्टरों के करीब साढ़े नौ हजार उपभोक्ताओं से एचएसवीपी पेयजल आपूर्ति अनुसार बिल भी वसूलता है। इसके लिए एचएसवीपी ने पहले एक एजेंसी का टेंडर दिया था लेकिन गत वर्ष उस एजेंसी का टेंडर समाप्त हो गया था।

JagranPublish: Sun, 07 Nov 2021 04:39 PM (IST)Updated: Sun, 07 Nov 2021 04:39 PM (IST)
जिलेभर के सेक्टरों में आठ महीने बाद जारी होंगे पानी के बिल

जागरण संवाददाता, सोनीपत : हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) अब जल्द ही जिलेभर के सेक्टरों में रुके पानी के बिल जारी करेगा। इसके लिए एचएसवीपी ने पुरानी एजेंसी का टेंडर समाप्त होने के बाद अब नई एजेंसी को कार्य सौंपा है। इसके साथ ही एजेंसी को जल्द बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सेक्टरवासियों को निर्धारित तिथि के अनुसार अपना पानी का बिल जमा कराना होगा।

एचएसवीपी के जिलेभर में सात रिहायशी सेक्टर स्थापित हैं। इनमें गोहाना में सेक्टर-7, सोनीपत में 12, 13, 14, 15 व 23 शामिल हैं। इन सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी एचएसवीपी की है। सेक्टरों के करीब साढ़े नौ हजार उपभोक्ताओं से एचएसवीपी पेयजल आपूर्ति अनुसार बिल भी वसूलता है। इसके लिए एचएसवीपी ने पहले एक एजेंसी का टेंडर दिया था, लेकिन गत वर्ष उस एजेंसी का टेंडर समाप्त हो गया था। ऐसे में एचएसवीपी ने बिल जारी करने की जिम्मेदारी कर्मचारियों की लगाई थी। कर्मचारियों ने दो बार बिल वितरण भी किए, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते यह कार्य नियमित रूप से नहीं हो सका। इस कारण सेक्टरों में पिछले आठ महीने से बिल जारी करने का कार्य रुका हुआ था। इसी के मद्देनजर अब एचएसवीपी ने नए सिरे से एजेंसी को टेंडर दिया है। यही नहीं मुख्यालय की ओर से एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही बिल जारी किए जाए, ताकि उपभोक्ता समय पर अपनी राशि को जमा करा सकें।

एकदम से बिल भरने में पड़ेगा सेक्टरवासियों पर आर्थिक बोझ :

सेक्टरों में एचएसवीपी हर दो महीने में पहले बिल जारी करता था। ऐसे में सेक्टरवासी भी अपना बिल नियमित रूप से भर रहे थे। अब आठ महीने का बिल होने के कारण राशि बढ़ गई है। इस कारण अब आठ महीने बाद एकदम बिल भरने से सेक्टरवासियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। सेक्टरवासी पहले से ही अधिकारियों से नियमित रूप से बिल जारी करने की मांग करते आ रहे हैं, ताकि उन पर राशि का अधिक बोझ न पड़े।

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सेक्टरों में बिल एजेंसी को टेंडर न होने के कारण जारी नहीं हो रहे थे। स्थानीय कार्यालय में भी इतने कर्मचारी नहीं है कि वे नियमित रूप से सभी सेक्टरों में उपभोक्ताओं को बिल जारी कर सके। अब मुख्यालय द्वारा एजेंसी को टेंडर जारी करने से यह कार्य नियमित रूप से हो पाएगा।

- राजेंद्र शर्मा, मुख्य मीटर निरीक्षक, एचएसवीपी, सोनीपत

Edited By Jagran

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