रोहतक आरओबी की दुर्दशा के विरोध में धरने बैठे विधायक और मेयर

रोहतक रोड की दुर्दशा के विरोध में शनिवार को विधायक सुरेंद्र पंवार और मेयर निखिल मदान ने कांग्रेसी पार्षदों के साथ मिलकर धरना दिया। विरोध में सरकार का पुतला भी फूंका।

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 07:04 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 07:06 PM (IST)
रोहतक आरओबी की दुर्दशा के विरोध में धरने बैठे विधायक और मेयर

जागरण संवाददाता, सोनीपत: रोहतक रोड की दुर्दशा के विरोध में शनिवार को विधायक सुरेंद्र पंवार और मेयर निखिल मदान ने कांग्रेसी पार्षदों के साथ मिलकर धरना दिया। विरोध में सरकार का पुतला भी फूंका। विधायक और मेयर ने प्रशासनिक अधिकारियों पर मनमाने रवैये के आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरओबी की हालत नहीं सुधरी तो कांग्रेस इसको लेकर आंदोलन करेगी। एनएचएआइ के अधिकारियों ने जल्द ही मरम्मत का आश्वासन दिया है। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनिया भी मौजूद रहे। विधायक, मेयर और अन्य लोगों ने पानी में गन्ने की फसल रोपकर भी विरोध जताया।

विधायक सुरेंद्र पंवार और मेयर निखिल मदान ने कहा कि आसपास के लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं कि आरओबी पर होने वाले सीवर के भराव से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से इसका स्थाई रूप से समाधान करने की मांग चल रही है, लेकिन अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़कर काम चला रहे हैं। इंडस्ट्रियल एरिया का सीवरेज ओवरफ्लो होने पर पानी आरओबी पर इकट्ठा हो जाता है, जिसके कारण सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में फंसने की वजह से कई बार बाइक और स्कूटर सवार गिर चुके हैं। कई आटो सवारियों सहित इसमें पलट चुके हैं, लेकिन सुधार के लिए स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। 75 मीटर का हिस्सा है क्षतिग्रस्त, भरता है सीवर का पानी :

रोहतक रोड आरओबी का करीब 75 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त है। सीवर का पानी यहीं पर आकर जमा हो जाता है। इसकी वजह से वाहनों के आवागमन करने पर सड़क धंस जाती है और अगले दिन से टूटना शुरू हो जाती है। इस हिस्से में 100 से ज्यादा गड्ढे हैं। सड़क का कहीं पर पता भी नहीं चलता है, सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे दिखाई पड़ते हैं, जिसकी वजह से वाहन चालकों को हादसे का डर सताता है। हाल ही में गड्ढे भरवाए गए थे। इसके बाद स्थाई समाधान के लिए नगर निगम और अन्य अधिकारियों से बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए कार्य किया जाएगा। मौसम साफ होने के बाद लेयर डलवाई जाएगी।

- आनंद दहिया, डीजीएम, एनएचएआइ

Edited By Jagran

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