शहर के 38 प्रतिष्ठानों पर लटकी सीलिग की तलवार

शहर में हजारों दुकानें-व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रहे हैं। करीब 25 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में केवल कुछ हजार व्यक्तियों ने ही ट्रेड लाइसेंस बनवाया है।

JagranPublish: Sun, 16 Jan 2022 06:40 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 06:40 PM (IST)
शहर के 38 प्रतिष्ठानों पर लटकी सीलिग की तलवार

जागरण संवाददाता, सोनीपत : शहर में हजारों दुकानें-व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रहे हैं। करीब 25 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में केवल कुछ हजार व्यक्तियों ने ही ट्रेड लाइसेंस बनवाया है। शेष प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रहे हैं। आय बढ़ाने में लगे निगम ने ट्रेड लाइसेंस नहीं होने से प्रति वर्ष एक करोड़ के करीब आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया है। ट्रेड लाइसेंस न बनवाने वाले और नवीनीकरण न करवाने वाले 38 प्रतिष्ठानों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। उनको चेतावनी भी दी गई है कि यदि तय समय अवधि में ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाया गया तो प्रतिष्ठान सील किया जाएगा।

शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक्ट 1994 के प्रविधानों के तहत नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य किया हुआ है। बिना ट्रेड लाइसेंस के किसी व्यक्ति को कारोबार संचालित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है, लेकिन शहर में भी बैगर ट्रेड लाइसेंस के दुकानें चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेंड लाइसेंस लेने से दुकानदारों को कई तरह की सहूलियत होती है। आवेदन करने पर रसीद तुरंत काट दी जाती है और एक सप्ताह में ट्रेड लाइसेंस बना दिया जाता है। यह लाइसेंस ठेला पर कार्य करने से लेकर बड़े व्यापारी तक के लिए अनिवार्य है। नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस से वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा है, लेकिन निगम इसका 15 प्रतिशत भी वसूल नहीं कर पाया है। प्रतिष्ठानों के लिए यह है ट्रेड लाइसेंस की फीस

प्रतिष्ठानों (दुकान व शोरूम) के लिए ट्रेड लाइसेंस फीस प्लिथ एरिया (क्षेत्रफल) के हिसाब से लागू होती है। उदाहरण के तौर पर 250 वर्ग फीट तक 2500 रुपये, 500 वर्ग फीट तक 5000 रुपये, 1000 वर्ग फीट तक 10 हजार रुपये, 2000 वर्ग फीट तक 20 हजार रुपये, 5000 वर्ग फीट तक 50 हजार रुपये तथा 5000 वर्ग फीट से ऊपर के क्षेत्रफल पर 70 हजार रुपये की फीस लगती है। ट्रेड लाइसेंस के लिए लीज और पहचान प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।

ट्रेड लाइसेंस बनवाने का बहुत फायदा है। दुकानदार का यदि आग लगने या अन्य कारणों से नुकसान होता है, तो उसे बीमा क्लेम करने में कोई दिक्कत नहीं आती है। इसके अलावा व्यापारी को बैंक से लोन लेने के लिए लिमिट बनवानी है तो ट्रेड लाइसेंस का होना जरूरी है। 38 प्रतिष्ठान चिह्नित कर लिए गए है। सोमवार से सीलिग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

- राजेंद्र कुमार, जोनल टैक्स अधिकारी, नगर निगम।

Edited By Jagran

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