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एक गांव जहां महापुरुषों के नाम पर हैं गलियों के नाम

गांव बीधल एक ऐसा गांव हैं जिसमें महापुरुषों और शहीदों की विचारधारा और आदर्शो को जीवंत रखने के लिए बेहतर तरीका अपनाया गया है। गांव की पंचायत ने गांव की सभी गलियों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर किया है।

By JagranEdited By: Published: Thu, 21 Jan 2021 10:46 PM (IST)Updated: Thu, 21 Jan 2021 10:46 PM (IST)
एक गांव जहां महापुरुषों के नाम पर हैं गलियों के नाम
एक गांव जहां महापुरुषों के नाम पर हैं गलियों के नाम

जागरण संवाददाता, गोहाना : गांव बीधल एक ऐसा गांव हैं, जिसमें महापुरुषों और शहीदों की विचारधारा और आदर्शो को जीवंत रखने के लिए बेहतर तरीका अपनाया गया है। गांव की पंचायत ने गांव की सभी गलियों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर किया है। गांव में दो पार्क भी हैं, जिनके नाम शहीदों पर रखे गए हैं। इस गांव से जो भी व्यक्ति गुजरता है वह गांव की सभी गलियों के मुहाने पर लगे महापुरुषों के बोर्ड देख कर हैरान रह जाता है।

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गांव बीधल की पंचायत ने आने वाली पीढि़यों को आजादी के लिए महापुरुषों के संघर्ष और शहीदों की कुर्बानी के प्रति प्रेरित करने के लिए अनोखी पहल की। गांव की सभी गलियों के नाम महापुरुषों व शहीदों के नाम पर रखे हैं। गलियों के बाहर चित्र के साथ बोर्ड भी लगाए गए हैं। अब इस गांव की गलियों की पहचान शहीद भगत सिंह मार्ग, भगत फूल सिंह मार्ग, शहीद चंद्रशेखर मार्ग आदि से हो गई है। गांव में दो पार्क हैं जिनका नाम शहीद भगत सिंह पार्क और वीर उधम सिंह के नाम पर रखा गया है। यह कार्य गांव के सरपंच विनोद कुमार की पहल पर पूरा हो पाया। सरपंच ने राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित होकर ऐसा किया है। इस कार्य में गांव के लोगों ने भी उनका सहयोग किया। स्वच्छ बीधल व हरित बीधल का सपना

गांव बीधल में युवाओं ने युवा क्लब बनाया हुआ है, जिसमें गांव के करीब सौ युवा जुड़े हैं। क्लब से जुड़े युवा स्वच्छ बीधल व हरित बीधल के सपने को साकार करने पर लगे हुए हैं। पंचायत ने पांच साल के अर्से में गांव में पानी निकासी की व्यवस्था को काफी बेहतर बनाया है। इस गांव में कहीं भी दूषित पानी जमा नहीं होता है। क्लब के युवा सप्ताह में तीन से चार दिन गांव में सफाई अभियान चलाते हैं। युवाओं द्वारा गांव में सार्वजनिक स्थानों पर दस हजार से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। पौधे धीरे-धीरे पेड़ का रूप धारण कर रहे हैं। गांव के तालाब के निकट तो अब हरियाली छा गई है। युवा सप्ताह में पांच दिन पौधे रोपने के साथ उनकी देखभाल भी करते हैं।

देश को आजाद कराने वाले महापुरुषों व शहीदों को याद रखने के लिए सभी गलियों का नामकरण उनके नाम से करवाया गया है। गांव के युवाओं और बच्चों में राष्ट्रवाद की भावना बढ़ी है। गांव के युवा पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अपना दायित्व निभा रहे हैं। वे स्वयं क्लब से जुड़े हैं और युवाओं के साथ मिल कर पौधों की देखभाल करते हैं।

- विनोद कुमार, सरपंच, ग्राम पंचायत बीधल


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