पीजीआइ में कोविड-19 से तीन मौत, 51 स्टाफ संक्रमित

पीजीआइ में कोरोना के कारण मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को भी कोविड-19 के कारण पीजीआइ में तीन लोगों की मौत हुई। हालांकि बताया जा रहा है कि बाद में एक शव की रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। तीन दिन में यहां पर आठ मौत हो चुकी हैं।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 07:51 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 07:51 PM (IST)
पीजीआइ में कोविड-19 से तीन मौत, 51 स्टाफ संक्रमित

जागरण संवाददाता, रोहतक : पीजीआइ में कोरोना के कारण मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को भी कोविड-19 के कारण पीजीआइ में तीन लोगों की मौत हुई। हालांकि बताया जा रहा है कि बाद में एक शव की रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। तीन दिन में यहां पर आठ मौत हो चुकी हैं।

पीजीआइ फैकल्टी व दूसरे पदों पर कार्यरत हेल्थ वर्कर यहां लगातार संक्रमित हो रहे हैं। मंगलवार को आए संक्रमितों में 18 चिकित्सक, 13 छात्र, छह स्टाफ नर्स, सात पैरामेडिकल स्टाफ, चार मिनिस्ट्रियल स्टाफ व तीन अन्य कर्मचारी शामिल हैं। चिकित्सकों में दो सीनीयर प्रोफेसर व दो अस्सिटेंट प्रोफेसर भी हैं। मंगलवार को संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो पीजीआइ में भर्ती होने वालों की संख्या भी 20 हो गई। पीजीआइ में 47 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से छह वेंटिलेटर पर हैं। मंगलवार को 15 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर भी लौटे।

आठ महीने के बच्चे सहित 275 संक्रमित

जिले में मंगलवार को कोविड-19 के 1482 सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से 275 व्यक्ति पाजिटिव पाए गए, जबकि 523 सैंपल का परिणाम आना शेष है। कोरोना संक्रमण की दर अब

4.36 प्रतिशत व रिकवरी दर 93.14 प्रतिशत हो गई है।

जिले में अब तक कोविड-19 के छह लाख 43 हजार 56 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 28055 सैंपल पाजिटिव पाए गए तथा छह लाख 14 हजार 478 सैंपल निगेटिव पाए गए। इनमें से उपचार के बाद 26152 व्यक्ति स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके है। जिला में वर्तमान में कोविड-19 का 1337 सक्रिय मरीज है, जिनमें से पांच मरीज अस्पताल में व बाकी सभी मरीज डाक्टरों की सलाह पर घर पर उपचार ले रहे हैं।

- 4222 को लगाई कोरोनारोधी वैक्सीन

टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 1457139 डोज दी जा चुकी हैं। जिले में मंगलवार को 4222 व्यक्तियों को कोरोना रोधी टीका लगाया गया। इनमें से 1497 व्यक्तियों को प्रथम डोज तथा 2538 व्यक्तियों को दूसरी डोज लगाई गई।

हेल्थ केयर वर्कर को अब तक 26135 डोज, फ्रंटलाइन वर्कर को 16301 डोज व 15 से 17 आयु वर्ग में 26864 डोज लगाई जा चुकी हैं। 18 से 44 आयु वर्ग में 858773 डोज, 45 से 60 आयु वर्ग में 297013 डोज व 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग में 232053 डोज लगाई जा चुकी हैं।

वहीं 187 बूस्टर डोज भी लगाई गई है। हेल्थ केयर वर्कर को 37 कोविशील्ड तथा 12 कोवैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई गई। फ्रंटलाइन वर्कर को 30 कोविशील्ड तथा एक कोवैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई गई। इसी प्रकार 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को 92 कोविशील्ड तथा 28 कोवैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई गई है।

Edited By Jagran

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