ई टिकटिग मशीन में व्यवस्था सरल करने की मांग

रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने सरकार से विभाग व जनहित में ई टिकटिग मशीन में किराया राउंड फिगर में करने को लेकर हरियाणा राज्य परिवहन अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त को पत्र लिखा है। शनिवार को जारी बयान में यूनियन के राज्य प्रधान ओमप्रकाश ग्रेवाल महासचिव जयवीर घणघस प्रदेश प्रवक्ता सुरेश नेहरा व डिपो प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि रोडवेज विभाग में जल्द ही ई टिकटिग मशीन लाई जा रही है जिसमें यात्रियों से किराया वसूलने के लिए ई टिकटिग मशीन में किराया मार्ग पर अड्डे के अनुसार राउंड फिगर में अंकित किया जाएगा।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 07:06 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:06 PM (IST)
ई टिकटिग मशीन में व्यवस्था सरल करने की मांग

जागरण संवाददाता, रोहतक : रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने सरकार से विभाग व जनहित में ई टिकटिग मशीन में किराया राउंड फिगर में करने को लेकर हरियाणा राज्य परिवहन अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त को पत्र लिखा है। शनिवार को जारी बयान में यूनियन के राज्य प्रधान ओमप्रकाश ग्रेवाल, महासचिव जयवीर घणघस, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश नेहरा व डिपो प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि रोडवेज विभाग में जल्द ही ई टिकटिग मशीन लाई जा रही है, जिसमें यात्रियों से किराया वसूलने के लिए ई टिकटिग मशीन में किराया मार्ग पर अड्डे के अनुसार राउंड फिगर में अंकित किया जाएगा। ई टिकटिग मशीन में किराया किलोमीटर के अनुसार ही 1,2,3 या 21,22, 23 के अनुसार में होगा, जोकि जनता व परिचालकों के लिए मुसीबत बनने वाला है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने 30 जून 2016 को अधिसूचना जारी कर किराए को 5 के गुणांक में किया गया था और 15 से कम किराया 5, 7,10, 12 जैसी भी स्थिति हो, उस रूप में प्रभावित किया जाएगा। किराए में 2.50 रुपये और उससे अधिक को 5 में पूर्णांक किया जाएगा। साथ ही किराए 2.50 रुपये से कम को अब गणित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट में परिचालक व जनता हित में फैसला लिया गया था। हरियाणा सरकार ने अधिसूचना जारी कर रोडवेज की बसों के किराए को बढ़ाने के आदेश सभी डिपो को दिए गए। उन्होंने कहा कि ई टिकटिग मशीन में अंकित होने के पश्चात परिचालकों व जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश प्रवक्ता सुरेश नेहरा ने कहा कि काफी लंबे समय से बसों का किराया पूर्णांक में बनाया जा रहा था, जिसके कारण परिचालकों को पैसे लेने देने में काफी सहूलियत हो रही थी। उन्होंने सरकार से 30 जून 2016 की अधिसूचना के अनुसार किराए को पूर्णांक में पहले की तरह बनाने के आदेश जारी करने की मांग की है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम