बदल रहा मौसम का मिजाज बरतें सावधानी

नवंबर में सर्दी के तेवर दिखने लगे हैं। धूप की तपिश अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। सुबह और शाम का वातावरण पूरी तरह ठंडक होने के साथ इसका स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है।

JagranPublish: Fri, 12 Nov 2021 07:00 PM (IST)Updated: Fri, 12 Nov 2021 07:00 PM (IST)
बदल रहा मौसम का मिजाज बरतें सावधानी

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: नवंबर में सर्दी के तेवर दिखने लगे हैं। धूप की तपिश अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। सुबह और शाम का वातावरण पूरी तरह ठंडक होने के साथ इसका स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है। हर घर में कोई न कोई सदस्य खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा डेंगू, वायरल बुखार आदि से पीड़ित हैं। अस्पतालों में उपचाराधीन के साथ घर पर भी लोग दवा का सेवन कर रहे हैं।

पिछले दो दिनों से दिन में धूप कम निकल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खानपान सही रखेंगे तो न केवल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी बल्कि तंदुरुस्ती भी बनी रहेगी। इस मौसम में हरी सब्जी, सलाद, फल आदि का सेवन करना बेहतर माना गया है। मौसम में उतार चढ़ाव के चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी उतार चढ़ाव हो रहा है। न्यूनतम तापमान अब 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने लगा है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस से नीचे 9.8 तक पहुंच चुका है। शुक्रवार को अधिकांश समय धूप गायब रही। मौसम विभाग के अनुसार 17 नवंबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट तथा सुबह और देर रात हल्की धुंध छाने की संभावना है।

नवंबर में उतार चढ़ाव भरा है न्यूनतम तापमान

दिनांक अधिकतम न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)

12 नवंबर 28 10

11 नवंबर 31 9.8

10 नवंबर 30.5 10.6

नौ नवंबर 30 10.5

आठ नवंबर 29.5 11

सात नवंबर 29 10.5

छह नवंबर 30 11.5

पांच नवंबर 29.2 11

चार नवंबर 29 11.4

तीन नवंबर 32.5 13

दो नवंबर 31.6 12.5

एक नवंबर 33.5 10.5

सर्दी ने दस्तक दे दी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो कुछ हद तक सामान्य बीमारियों से बचाव किया जा सकेगा। ठंडे पेय और खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें, दूध में हल्की हल्दी मिलाकर पीते रहें। हल्दी, तुलसी, सोंठ, इलायची, गिलोए मिलाकर काढ़ा तैयार कर नियमित रूप से पीते रहेंगे तो हल्की खांसी, जुकाम, वायरल आदि बीमारियों से बचाव हो सकेगा। च्यवनप्राश का भी इस मौसम में सेवन करना चाहिए।

डा. अजीत सिंह यादव, आयुष अधिकारी।

Edited By Jagran

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