झांसा देकर व्यापारी से 63 हजार की ठगी

फेसबुक पर एक कंपनी का विज्ञापन देख कर धारूहेड़ा के एक व्यापारी को आर्डर देना महंगा पड़ गया। शातिर ठगों ने व्यापारी से करीब 63 हजार रुपये ठग लिए।

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 04:02 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 04:02 PM (IST)
झांसा देकर व्यापारी से 63 हजार की ठगी

संवाद सहयोगी, धारूहेड़ा : फेसबुक पर एक कंपनी का विज्ञापन देख कर धारूहेड़ा के एक व्यापारी को आर्डर देना महंगा पड़ गया। शातिर ठगों ने व्यापारी से करीब 63 हजार रुपये ठग लिए। व्यापारी ने धारूहेड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुलिस को दी शिकायत में धारूहेड़ा के वार्ड नंबर दस निवासी स्वर्ण सिंह ने कहा है कि उन्होंने फेसबुक पर असम की एक कंपनी का विज्ञापन देख कर वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर भर दिए थे। दो दिन बाद स्वर्ण सिंह के पास राजीबुल रहमान नाम के व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को कंपनी का मालिक बताते हुए बातचीत शुरू की। उसकी बातों में आकर स्वर्ण सिंह ने 13 बोरे सामान का आर्डर कर दिया। स्वर्ण सिंह ने 30 हजार स्वयं के आइसीआइसीआइ बैंक के खाते से और 15 हजार रुपये अपने भाई नीरज के फोन-पे के जरिए रजीबुल रहमान को भेज दिए। इसके बाद राजीबुल रहमान ने एयर कार्गो पैकर्स एंड लाजिस्ट का बिल स्वर्ण सिंह को भेज दिया। रजीबुल रहमान ने स्वर्ण सिंह को कुल 65,600 रुपये का बिल बनाकर वाट्सएप नंबर पर भेजा।

22 जनवरी को स्वर्ण सिंह के पास लाजिस्टिक कंपनी से गौरव शर्मा का फोन आया, जिसने बताया कि उनका माल असम से आ रहा है। सामान लेने से पहले 22 हजार रुपये ट्रांसफर करने होंगे। स्वर्ण सिंह ने जब माल पहुंचने के बाद पैसे देने की बात की तो गौरव शर्मा ने कंपनी मालिक बता कर विजय शर्मा से कांफ्रेंस से बात कराई। विजय शर्मा ने कहा कि 22 हजार रुपये नहीं दिए तो गोदाम में माल रखने के एक हजार रुपये प्रतिदिन पैनल्टी लगेगी और माल भी वापस भेज दिया जाएगा। पैनल्टी लगने व माल वापस जाने की कहने के बाद स्वर्ण सिंह ने अपने खाते से 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद गौरव शर्मा का फिर से काल आई और ट्रांसपोर्ट खर्च के 5800 रुपये और जमा कराने के लिए कहा। स्वर्ण सिंह ने यह राशि भी ट्रांसफर कर दी। रुपये भेजने के बाद भी स्वर्ण सिंह के पास माल नहीं आया। उन्होंने राजीबुल रहमान से संपर्क किया तो फोन नहीं उठाया। बार-बार काल करने के बाद भी काल रिसीव नहीं की गई। अपने साथ ठगी का पता लगने के बाद स्वर्ण सिंह ने पुलिस को शिकायत दी।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept