नशे की जद में युवा वर्ग, नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग के लिए बढ़ने लगी संख्या

अंबाला में युवा नशे की चपेट में आ रहा है। पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद नशे का कारोबार रुक नहीं रहा है। नशा मुक्ति केंद्रों में काउंसलिंग के लिए संख्या बढ़ने लगी है। काउंसलिंग लेने के बाद भी कुछ युवा फिर से उसी राह पर जा रहे हैं।

Rajesh KumarPublish: Tue, 17 May 2022 02:34 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 02:34 PM (IST)
नशे की जद में युवा वर्ग, नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग के लिए बढ़ने लगी संख्या

अंबाला, जागरण संवाददाता। अंबाला पुलिस नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए दिनरात कार्रवाई करने में जुटी है। बावजूद इसके नशे की जद में युवाओं के आने का क्रम जारी है। जिले में पंजीकृत नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें ज्यादातर ऐसे युवा शामिल है जो काउंसिलिंग के बाद कुछ समय तक को सामान्य जीवन जीते हैं, लेकिन बाद में धीरे धीरे फिर नशे की जद में पहुंच जा रहे हैं।

ऐसे युवाओं की संख्या 10 से 15 प्रतिशत बताई जा रही है। नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों की मानें तो काउंसिलिंग का असर नशे की जद से बाहर आने वाले युवाओं पर जीवन भर तक रहता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने नशे के साथियों से भी दूरी बनानी होगी। ऐसे में जो यहां से ठीक होकर जाने के बाद अगर पुराने नशेड़ी साथियों के संपर्क में पहुंच जाते हैं तो वह दोबारा भ्रमित होकर इस मकड़जाल में फंसते हैं।

अंबाला के नशा मुक्ति केंद्र

- नागरिक अस्पताल अंबाला शहर

- एमएमआईएमएस मुलाना

- गुरु कृपा फाउंडेशन विकासपुरी अंबाला छावनी

- हीलिंग टच सुल्तानपुर अंबाला शहर

- पटनायक अस्पताल अंबाला शहर

- श्रीकृष्णा अस्पताल अंबाला शहर

- द न्यू लाइफ फाउंडेशन मंडौर अंबाला शहर

- माइंड केयर अस्पताल जीटी रोड अंबाला शहर

- दशमेश सोशल वेलफेयर सोसायटी, बिहटा

पुलिस तैयार करेगी रिकार्ड

जिले के नशा मुक्ति केंद्रों में काउंसलिंग के लिए पहुंचे युवाओं की पूरा ब्यौरा संबंधित थाने की पुलिस के पास होगा। नशा मुक्ति केंद्र से हर महीने कितने मरीज स्वस्थ होकर जा रहे हैं इसकी सूची संबंधित थाने में संचालक की तरफ से देनी होगी। साथ ही सेंटर में कितने मरीज है और उनका ब्यौरा भी बताना होगा।

आसपास की बुराईयों को त्यागे

नशे की लत से दूर रहने की हम तो काउंसलिंग के जरिए राह दिखाते हैं, लेकिन इसके बाद जब यहां से मरीज जाता है तो उसे अपने आसपास की बुराईयों को भी त्यागना होगा।

-दीपक, गुरु कृपा फाउंडेशन विकासपुरी अंबाला छावनी।

Edited By Rajesh Kumar

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