ईयर एंडर 2021: नवदीप सैनी से लेकर हरियाणा के इन छोरे-छोरियों ने किया कमाल, पढ़ें पूरी खबर

ईयर एंडर 2021 नवदीप सैनी से लेकर हरियाणा की ये हस्तियां इस साल अपनी उपलब्धियों के कारण चर्चा में रही। इस लिस्ट में नवदीप सैनी के अलावा बाक्सर से लेकर डाक्टर तक के नाम शामिल है। इस रिपोर्ट को पढ़ें और जानिए ये हस्तियां किस वजह से चर्चा में रही...

Rajesh KumarPublish: Sun, 26 Dec 2021 03:18 PM (IST)Updated: Sun, 26 Dec 2021 03:18 PM (IST)
ईयर एंडर 2021: नवदीप सैनी से लेकर हरियाणा के इन छोरे-छोरियों ने किया कमाल, पढ़ें पूरी खबर

करनाल, जागरण संवाददाता। अपनी उपलब्धियों के बूते इस वर्ष कर्ण नगरी का नाम विविध क्षेत्रों में चमकाने वालों में युवा समाजसेवी संजोली बनर्जी से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर नवदीप सैनी और बाक्सर सुमित सांगवान के नाम शामिल रहे तो किशोर परमवीर ने नशे के खिलाफ देशव्यापी मुहिम चलाकर मिसाल पेश की। वहीं, कोरोना से जंग लड़ने में करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा ने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया, जिसके लिए उन्हें सुशासन पुरस्कार हासिल हुआ। आइए, डालते हैं इन सभी के कार्यों और उपलब्धियों पर एक नजर।  

1. संजोली बनर्जी के नाम तीन बड़े सम्मान 

करनाल की बेटी संजोली बनर्जी ने अनवरत उपलब्धियों से वर्ष 2021 में एक बार फिर अपनी जन्मभूमि का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। उन्हें इस वर्ष तीन बड़े पुरस्कार से नवाजा गया। इनमें इंग्लैंड में डायना अवार्ड, जर्मनी में यंग ग्लोबल चेंज मेकर अवार्ड के बाद हाल में भारतीय युवा व खेल मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की ओर से दिया गया राष्ट्रीय सम्मान वी अवार्ड शामिल है। संजोली ने गत तीन दिसंबर ने इंटरनेशनल वालंटियर डे पर यूएनडीपी के शोको नोडा, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी में दिल्ली स्थित यूएन हाउस में हासिल किया। संजोली को इस अवार्ड के लिए भारत, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में पिछ्ले 18 वर्ष से अनवरत जारी समाजसेवी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के आधार पर चुना गया।

संजोली बनर्जी।

पांच वर्ष की आयु से इस क्षेत्र में सक्रिय संजोली अपनी छोटी बहन अनन्या के साथ कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण संरक्षण, उत्तम व सर्वसुलभ शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य व शारीरिक स्वच्छता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। आज उनकी संस्था में 200 से अधिक युवा जुड़े हैं। बकौल संजोली ये सम्मान समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं। सामाजिक स्वयंसेवक बनकर मुझे खुशी मिलती है और यह इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। मैं आशा करती हूं कि बदलाव लाने और सामजिक चुनौतियों से निपटने में और भी युवा जुड़ेंगे और हम सब मिलकर एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगे।

 

डा. जेसी दुरेजा।

2. कोरोना से लड़ी जंग, मिला सुशासन पुरस्कार 

कोरोना काल की चुनौती से निपटने में करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज के पूरे स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे में बेहतर समन्वयन और दिशा-निर्देशन की मिसाल पेश करने में कालेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा अग्रणी रहे। इसे देखते हुए आजादी का अमृत महोत्सव के उन्हें इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें सम्मानित किया। मेडिकल कालेज में 100 100 बिस्तारों वाले क्रिटिकल केयर आइसीयू की स्थापना को लेकर डा. दुरेजा को इस महत्वपूर्ण पुरस्कार से नवाजा गया। कोरोना से जंग में केसीजीएमसी की चौथी मंजिल को उन्होंने 100 बेड के आइसीयू में तब्दील करके मरीजों को बड़ी राहत दी थी। कालेज में आक्सीजन प्लांट की स्थापना सहित अन्य स्तरों पर भी अनुकरणीय कार्य करने के चलते शासन ने सुशासन दिवस पर डा. जेसी दुरेजा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

3. आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में जीता था दिल 

करनाल के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाने वाले नवदीप सैनी भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे हैं। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में इस गेंदबाज ने अपनी धमाकेदार गेंदबाजी से सभी का दिल जीत लिया था। भारतीय टीम के पेसर और हरियाणा के लाडले नवदीप सैनी मैच के पहले ही दिन घायल हो गए थे। उनका खेलना संदिग्ध था। लेकिन नवदीप पीड़ा पीकर मैदान पर वापस आए और कंगारुओं में दहशत बनाने में कामयाब रहे थे। नवदीप मैदान पर वापस नहीं आते तो चार गेंदबाजों के साथ ही खेलना पड़ता। नवदीप सैनी मैच के पहले दिन ही घायल होकर मैदान से बाहर चले गए थे तो करनाल वाले अपने छोरे के दुख से दुखी हो गए थे। लेकिन उनके धमाकेदार प्रदर्शन ने पूरे करनाल ही नहीं, पूरे हरियाणा को खुशियां मनाने का मौका दिया।

year ender..

नवदीप सैनी।

हाल में दक्षिण अफ्रीका-ए के खिलाफ अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज में एक बार फिर नवदीप ने इंडिया-ए के लिए कमाल का प्रदर्शन किया। हालांकि, नवदीप इस वर्ष अपने करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करते रहे हैं। फिर भी उनके आत्मविश्वास में कभी कोई कमी देखने को नहीं मिली। पेसर नवदीप ने पहले इंटरनेशनल मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 खेलकर इंटरनेशनल डेब्यू किया था। मैच में उसने तीन विकेट झटके थे।वेस्टइंडीज की पारी के दौरान 20वें व अंतिम ओवर मेडन फेंककर विकेट लिया। इसके साथ ही वह भारत के ऐसे पहले गेंदबाज बन गए, जिसने टी-20 मैच में पारी का आखिरी ओवर मेडन फेंका। आइपीएल मुकाबलों में नवदीप सैनी ने 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सबको प्रभावित किया था। वह रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से आइपीएल खेल चुके हैं।

सुमित सांगवान।

4. स्पेन में सुमित सांगवान ने लगाया सिल्वर पंच 

इस वर्ष करनाल का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने वालों की फेहरिस्त में अंतरराष्ट्रीय बाक्सर सुमित सांगवान का नाम भी शामिल है। सुमित ने इस वर्ष मार्च में स्पेन में आयोजित 35वें बाक्सम इंटरनेशनल बाक्सिंग टूर्नामेंट में भारत की ओर से शानदार प्रदर्शन किया। इस बडृे टूर्नामेंट में सुमित ने बर्लिन और फ्रांस के खिलाड़ी को 4-1 व 5-0 से हराया, जिसके बाद उन्हें फाइनल खेलना था लेकिन कोरोना उनके गोल्ड में बाधा बन गया। दरअसल, उनके साथी बाक्सर को कोरोना हो गया था। इसके चलते सावधानी बरतते हुए उन्हें फाइनल मुकाबले के लिए रिंग में उतरने ही नहीं दिया गया। सुमित के अनुसार दो फाइट जीतने के बाद इटली के खिलाड़ी से उनका फाइनल मुकाबला था और उन्हें जीत की पूरी उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद मुकाबले में सिल्वर पंच लगाने के चलते वह विदेशी सरजमीन से मेडल लेकर स्वदेश लौटे थे। 

5. नशे के खिलाफ पूरे देश में गूंजा परम का स्वर 

किशोरावस्था में ही समाजसेवा के प्रति समर्पित करनाल के परमवीर सिंह ने इस वर्ष नशे के खिलाफ ऐसा अभियान चलाया, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दी। स्पीक अप फ्रेंड्स शीर्षक से चलाई गई इस मुहिम को समाजसेवी प्रीतपाल सिंह पन्नू के पुत्र परमवीर सिंह ने नशे व बाल शोषण के खिलाफ शुरू किया था, जिसे कामयाब बनाने में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों ने अहम भूमिका निभाई। स्पीक अप फ्रेंड्स अभियान में देश के हर हिस्से से सैकड़ों बच्चों ने नशे व बाल शोषण के खिलाफ मिलकर आवाज बुलंद करते हुए वीडियो संदेश भेजे तो कई कलाकारों ने पोस्टर व पेंटिग बना कर दोनों सामाजिक बुराइयों के प्रति अपने विचारों को कला के माध्यम से व्यक्त किया था।

परमवीर सिंह।

यही नहीं, अमेरिका सहित विश्व के अनेक देशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने व छात्रवृत्ति के लिए दी जाने वाली सैट परीक्षा में परम ने 1600 में से 1530 अंक हासिल करके पूरे विश्व के महज एक प्रतिशत टापर विद्यार्थियों में अपना स्थान बनाया। सैट परीक्षा की आयोजक अमेरिका की संस्था कालेज बोर्ड ने अपने रिजल्ट में इसकी घोषणा भी की थी।

Edited By Rajesh Kumar

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