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PCB ने NGT में दी रिपोर्ट, पानीपत के उद्योग फैला रहे प्रदूषण Panipat News

ज्वाइंट कमेटी को उद्योगों में नियम पूरे नहीं मिले। एनजीटी ने एक महीने में कार्रवाई के निर्देश दिए। कमेटी ने बताया कि सेक्टर-18 के उद्योग प्रदूषण फैला रहे हैं।

Anurag ShuklaSat, 12 Oct 2019 05:39 PM (IST)
PCB ने NGT में दी रिपोर्ट, पानीपत के उद्योग फैला रहे प्रदूषण Panipat News

पानीपत, जेएनएन। सेक्टर 18 में लगे टेक्सटाइल उद्योगों में नियमों की उल्लंघना मिली। रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन सेक्टर 18 की शिकायत पर एनजीटी ने ज्वांइट टीम को उद्योगों का निरीक्षण कर एक्शन टेकन रिपोर्ट तीन माह में देने के आदेश जारी किए थे। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भूजल अथॉरिटी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने इन उद्योगों का सर्वे कर अपने रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी। जिस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने इन उद्योगों को भूजल के दोहन करने पर हर्जाना वसूली कर एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश ज्वाइंट कमेटी को दिए। साथ ही अन्य विभागों को नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए गए। 

इन उद्योगों की दी गई रिपोर्ट 

  1. लोंगों वाल स्पिनिंग मिल सेक्टर 18
  2. लूम निट्स सेक्टर 18
  3. गीता स्पिनिंग मिला सेक्टर 18
  4. अशोका स्पिनिंग मिल 
  5. प्रकाश वूलन मिल
  6. भारतीय स्पिनिंग मिल
  7. लोर्ड शिवा हैंड स्पिनिंग मिल
  8. कौशल्या वूलन मिल
  9. सरस्वती वूलन मिल
  10. ज्योति स्पिनिंग मिल सेक्टर 18 

इन उद्योगों के पास नगर निगम की अथॉरिटी नहीं मिली 

अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में इन उद्योगों की जांच हुई। इनके पास नगर निगम की कोई भी अथॉरिटी नहीं मिली। इनमें भारतीय स्पिनिंग मिल, लोर्ड शिवा स्पिनिंग मिल, प्रकाश स्पिनिंग मिल, गीता स्पिनिंग मिल, अनमोल स्पिनर्स शामिल है। इनके के खिलाफ नगर निगम को एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। 

नगर योजनाकार की परमिशन नहीं 

कौशल्या वूलन मिल सेक्टर 40 व सरस्वती वूलन मिल सेक्टर 40 जो टाउन प्‍लानिंग के क्षेत्र में लगी हुई है। इन पर सीएलयू नहीं मिला। इनके खिलाफ नगर योजनाकार विभाग कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

सावन के मोटर्स को कारण बताओ नोटिस

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सावन मोटर्स की जांच में न तो कोई एनओसी मिली, और नहीं नगर निगम का लाइसेंस मिला। बोर्ड को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इन उद्योगों में किसी भी उद्योग में भूजल प्रयोग करने की एनओसी नहीं मिली। अवैध रूप से पानी निकालने पर इन उद्योगों से हर्जाना वसूली के आदेश जारी किए हैं।

23 दिसंबर तक रिपोर्ट 

जिन उद्योगों में कमी मिली है। उनके खिलाफ  की गई कार्रवाई व भूजल दोहन करने की एवज में हर्जाना वसूलने की रिपोर्ट एक माह में देने के आदेश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। 

कार्रवाई से संतुष्ट नहीं  सेक्टर वासी  

सेक्टर 18 रेजिडेंट एसोसिएशन के प्रधान सरदार गुरदीप सिंह ने कहा कि वे इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। एनजीटी में नगर निगम की पॉलिसी दी गई है। जबकि टाउन प्लानिंग की 2006 का पॉलिसी दी जानी चाहिए थी। जिसके मुताबिक 10 साल में इन उद्योगों को यहां से शिफ्ट होना है। पॉलिसी के मुताबिक 17 दिसंबर 2016 तक ही इस क्षेत्र में यह उद्योग चल सकते है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 

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