सर्दियों में बच्चों को जानलेवा निमोनिया से बचाएं, विशेषज्ञों की इन बातों का रखें ध्यान

सर्दियों के मौसम में हमें अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है खासतौर पर बच्चों का। सर्दियों में बच्चों को जानलेवा निमोनिया से बचाने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञों ने इसे लेकर कुछ खास टिप्स दिए हैं इस रिपोर्ट को पढ़ें और जानें।

Rajesh KumarPublish: Mon, 17 Jan 2022 01:11 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 01:11 PM (IST)
सर्दियों में बच्चों को जानलेवा निमोनिया से बचाएं, विशेषज्ञों की इन बातों का रखें ध्यान

जागरण संवाददाता, हिसार। सर्दी बहुत बढ़ गई है। तापमान चार डिग्री तक आ गया है। ऐसे में नवजातों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष ध्यान देने की जरुरत है। चिकित्सक बताते है कि इन दिनों सर्दी अधिक बढ़ने से बच्चों में निमोनिया, सर्दी, जुकाम और इनसे तेज बुखार होने के लक्षण मिल सकते है। निमोनिया होने पर बच्चों की जान भी जा सकती है। इसलिए सर्दी में बच्चों पर अधिक ध्यान देने की जरुरत है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

सिविल अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ डा. मंजू ने बताया कि नवजात से लेकर दो साल तक के बच्चों को इन दिनों में चार लेयर के कपड़े पहनाने की जरुरत है, हो सके तो उन्हें ऊनी कपड़े जरुर पहनाएं, ताकि उनका शरीर गर्म रहे। जहां तक हो सकें, इन दिनों में छोटे बच्चों को घर से बाहर न लेकर जाएं। अगर जाना पड़े तो दुपहिया वाहनों पर बच्चों को न ले जाएं, क्योंकि इससे सीधी हवा बच्चों को लगेगी, जिससे उन्हें सर्दी लगने का भय बना रहेगा। साथ ही उनके सिर और पांव को ढककर रखें, टोपी और जुराबें बच्चों को लगातार पहनाएं। अगर फिर भी बच्चों को सर्दी, जुकाम होती है तो चिकित्सक की सलाह से उन्हें दवा दे, अपने स्तर पर किसी तरह की दवा बच्चों को न दे।


अस्पतालों में उपचार की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है

डा. मंजू ने बताया कि कोरोना केस बढ़ने पर सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए भी उपचार की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए बनाई गई कार्डिक केयर यूनिट में अब पांच बाइपेप उपलब्ध करवाए गए है। साथ ही यहां पर 22 बेड भी है। इनके अलावा हाइफ्लो नेजल कैनुला भी उपलब्ध है। वहीं सिविल अस्पताल में 40 वेंटीलेटर है। जो बच्चों के लिए भी उपयोग किए जा सकते है। डा. मंजू ने बताया इन वेंटीलेटर में बच्चों के लिए उपयोग किए जाने वाले कनेक्टर लगाकर इन्हें बच्चों के लिए उपयोग किया जा सकता है। वहीं कोरोना संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए सिविल अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी के करीब 100 चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

Edited By Rajesh Kumar

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