यूरिया के लिए कतार में किसान, कई कई दिन चक्कर लगाने पर नहीं मिल रहा खाद

जागरण संवाददाता समालखा जिले के किसानों को यूरिया खाद को लेकर कड़ाके की ठंड के बीच

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 11:55 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 01:36 AM (IST)
यूरिया के लिए कतार में किसान, कई कई दिन चक्कर लगाने पर नहीं मिल रहा खाद

जागरण संवाददाता, समालखा : जिले के किसानों को यूरिया खाद को लेकर कड़ाके की ठंड के बीच मशक्कत करनी पड़ रही है। सुबह सात बजे सहकारी समिति या प्राइवेट डीलर के पास पहुंच लाइन में लगते हैं। जहां से किसी को खाद मिल पाता है तो कोई कई घंटे इंतजार के बाद निराश होकर वापस लौटता है। बुधवार को भी नई अनाज मंडी स्थित 28 नंबर दुकान पर यूरिया खाद आया तो लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई। खाद को लेकर किसानों के बीच धक्का मुक्की होती रही। लेकिन चंद मिनटों में ही खाद खत्म हो गया। वहीं किसानों का आरोप है कि प्राइवेट डीलर खाद की किल्लत का फायदा उठा उन्हें साथ में दवाई लेने के मजबूर करते हैं। दुकानदार पंकज गोयल ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया। उसने कहा कि जो खाद आ रहा है। वो किसानों को दे रहे हैं। किसानों ने रोष भी जताया। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी कार्यालय में बैठ खाद की कोई किल्लत न होने के दावे कर रहे हैं। लेकिन मिल कहीं नहीं रहा है।

नारायणा निवासी किसान कर्मबीर का कहना है कि गेहूं की बिजाई के दौरान जैसे डीएपी खाद को लेकर परेशानी हुई थी। ऐसा ही हाल यूरिया को लेकर हो रहा है। पहला पानी देने के कुछ दिन बाद ही कई दिन तक बारिश होती रही। ऐसे में गेहूं को यूरिया खाद मिलना जरूरी है। लेकिन मिल नहीं पा रहा है। कहीं आता भी है तो एक या दो कट्टे से ज्यादा नहीं दिए जाते। इससे उनका काम नहीं चल पा रहा।

तीन दिन से आ रहा, हर बार खाली हाथ लौटा--

मनाना निवासी राजकुमार ने बताया कि सोमवार को सहकारी समिति की दुकान पर खाद लेने आया था। जब तक नंबर आया, तब तक खाद खत्म हो गया। आज प्राइवेट डीलर के पास खाद आया, लेकिन यहां भी नहीं मिल पाया। उसने डीलर पर जानने वाले को खाद देने का आरोप लगाया। किसान का कहना है कि सरकार मामले को गंभीरता से लेकर उन्हें खाद मुहैया कराए, ताकि समय पर फसल में लग सके। अगर समय पर खाद नहीं मिला तो पैदावार पर असर पड़ेगा।

पांच दिन चक्कर लगाने पर दो कट्टे मिले--

ढोडपुर निवासी राजबीर ने कहा कि पिछले पांच दिन से यूरिया खाद के कट्टों को लेकर चक्कर लगा रहा हूं। आज मुश्किल से दो कट्टे मिल पाए हैं। इनसे काम चलने वाला नहीं है। कई एकड़ में तो पहली बार तक खाद नहीं लग पाया है। ऐसे में फसल में फुटाव भी नहीं हो पाया है और पीला पड़ने का भय बना हुआ है।

Edited By Jagran

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