49 साल का हो रहा कुरुक्षेत्र, जानें महाभारत धरा के रहस्यों को

23 जनवरी को कुरुक्षेत्र 49 साल का हो जाएगा। 23 जनवरी 1973 को करनाल से अलग होकर इसे अलग जिला बनाया गया था। तीर्थ स्थलों की पावन धरा धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का इतिहास अपने आपमें बेहद रोचक है। चलिए आज महाभारत धरा के रहस्यों को जानते हैं।

Rajesh KumarPublish: Sat, 22 Jan 2022 05:04 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 05:04 PM (IST)
49 साल का हो रहा कुरुक्षेत्र, जानें महाभारत धरा के रहस्यों को

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। मैं कुरुक्षेत्र हूं। 23 जनवरी 1973 को करनाल से अलग होकर आज 49 साल का हो गया हूं। अपने अब तक के सफर में विश्व को गीता का संदेश दिया। आज विदेशों में भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जा रहा है। यह सिलिसला 2019 में मारिशस से शुरू हुआ। इन 49 सालों में भी कुरु की धरती को कई रंग देखने को मिले। शिक्षा के क्षेत्र में भी विदेशों में इसका प्रकाश पहुंचा है।

भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश ज्योतिसर पर दिया था। बताया जा रहा है कि संवरण के पुत्र राजा कुरु ने सोने के हल से सात कोस की भूमि जोत डाली थी। इसके बाद इसका नाम कुरुक्षेत्र पड़ा। 48 कोस कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र के अलावा कैथल, करनाल, जींद व पानीपत के 134 तीर्थ स्थल आते हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड इन तीर्थ स्थलों को विकसित कर रहा है।

88 फीसद क्षेत्र में खेती

इसके 88 फीसद हिस्से पर खेती की जाती है। कृषि में चावल और गेहूं की प्रधानता है। गन्ना, तिलहन और आलू भी उगाया जाता है। हथकरघा, चीनी, कृषि उपकरण, पानी के उपकरण और खाद्य उत्पाद से जुड़े उद्याेग अवस्थित हैं। 48 कोस में कुरुक्षेत्र के अलावा कैथल, करनाल, पानीपत और जींद का क्षेत्र भी आता है।

ये प्रोजेक्ट बदलेंगे शहर की तस्वीर

- पिपली से थर्ड गेट तक सड़क का निर्माण चल रहा है। जो फरवरी 2022 तक पूरी कर ली जानी थी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 57 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके मूर्त रूप मे आते ही शहर नई लुक में होगा।

- लघु सचिवालय के नए भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इसमे कार्यालय शिफ्ट किये जा रहे हैं। इससे आमजन को एक ही छत के नीचे सभी सरकारी कार्यालयों की सौगात मिलेगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

- थानेसर में सेक्टरोंके लोगों के लिए इस साल हर घर तक गैस पाइप लाइन की सौगात मिली। इससे लोगों को गैस सिलेंडर बुक कराने से छुटकारा मिल रहा है। बाकी शहर में भी प्रस्ताव है।

- गुलजारी लाल नंदा मार्ग पर स्थित आरओबी पर सिंगल लेग की सुविधा मिली है। इससे पिपली से रेलवे स्टेशन या रेलवे रोड जाने वाले लोगों को फायदा मिला है। एलिवेटिड रेल ट्रैक बनाया जा रहा है। इस पर 250 करोड़ खर्च आएगा। इसका 30 प्रतिशत काम  हो गया है।

ये भी जानिए

- 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 9,64,655 है। यह अब करीब 12.32 लाख है।

- साक्षरता दर 76.31 फीसद है। इसमें पुरुषों की 83.02 और महिलाओं की 68.84 है।

- लिंगानुपात 921 : 1000 है।

- क्षेत्रफल 1573 वर्ग किलोमीटर है।

- नगर परिषद थानेसर, नगरपालिका पिहोवा, शाहाबाद, लाडवा है।

- आज चार सब डिविजन, छह तहसील, सात ब्लाक हैं। 420 ग्राम पंचायत हैं।

Edited By Rajesh Kumar

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