किसान आंदोलन: करनाल बसताड़ा टोल पर काफिले का स्वागत, जानिए क्‍या हैं तैयारियां

आंदोलन खत्‍म हो चुका है। दिल्‍ली बार्डर से अब किसान पंजाब और हरियाणा के गांवों में लौटने लगे हैं। किसानों का जगह-जगह स्‍वागत भी किया जा रहा है। करनाल के बसताड़ा टोल प्‍लाजा में भी किसानों के स्‍वागत की खास तैयारी है।

Anurag ShuklaPublish: Sat, 11 Dec 2021 11:13 AM (IST)Updated: Sat, 11 Dec 2021 11:13 AM (IST)
किसान आंदोलन: करनाल बसताड़ा टोल पर काफिले का स्वागत, जानिए क्‍या हैं तैयारियां

जलमाना/घरौंडा(करनाल), जागरण टीम। दिल्ली बार्डर पर आंदोलन खत्म होने के बाद आंदोलनकारी वापस लौट रहे हैं। इसे लेकर करनाल के दोनों टोल पर माहौल बदल चुका है। शनिवार को बसताड़ा टोल प्लाजा पर रक्तदान शिविर लगेगा और दिल्ली से आने वाले आंदोलनकारियों के काफिले का स्वागत किया जा रहा। वहीं, प्योंत टोल पर 15 दिसंबर से वसूली शुरू होने के आसार हैं। यहां पुरानी दरों पर ही टोल लिया जाएगा। जबकि बसताड़ा टोल पर नई दरें लागू होंगी। शुक्रवार को प्योंत टोल पर आंदोलनकारियों ने फतह रैली निकाली। रैली टोल से शुरू होकर पक्काखेड़ा, मंचुरी, शेखूपुरा और पाढ़ा होते हुए टोलपर पहुंची।

पुराने शुल्क पर ही 15 से होगी वसूली

प्योंत टोल के टेक्निकल इंजीनियर मयंक शुक्ला ने बताया कि टोल रेट एनएचएआइ तैयार करता है। प्योंत टोल नया है, जिसके तहत यहां रेट नहीं बढ़े हैं। चंद्रकिशोर अग्रवाल कंपनी का नया टेंडर छूटा है। कंपनी व किसानों में 15 दिसंबर से टोल शुरू करने पर सहमति बनी है। सीसीटीवी कैमरे लगाने व सफाई सहित तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं।

एक दिन भी गैरहाजिर नहीं, चलाई दूध की सेवा

प्योंत टोल पर एक साल 13 दिन से हर रोज उपस्थित रहे प्योंत वासी लखविंद्र सिंह लखा ने बताया कि पहले दिन से दूध सेवा करने का सौभाग्य मिला। इस बीच घर से पूरी छुट्टी ले ली। 11 साथियों ने भी सहयोग किया। ये दिन सदा याद रहेंगे।

वाहनों को क्रास कराने तक डटे रहेंगे

नेशनल हाईवे स्थित बसताड़ा टोल पर डटे आंदोलनकारियों ने दोहराया कि वे तब तक यहीं बैठे रहेंगे, जब तक दिल्ली आंदोलन के सभी वाहन वापस न आ जाएं। भाकियू चढ़ूनी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीप औलख ने बताया कि शनिवार से ट्रालियां व किसानों के अन्य वाहन घर वापसी के लिए निकलेंगे। उनका बसताड़ा टोल पर स्वागत किया जाएगा। धरना समाप्त है, लेकिन जब तक किसानों के सभी वाहन बसताड़ा टोल क्रास नहीं कर जाते, तब यहीं जमे रहेंगे।

Edited By Anurag Shukla

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