Haryana Budget 2022: हरियाणा में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, जानिए कुरुक्षेत्र को क्‍या मिला

Haryana Budget 2022 बजट में हरियाणा सरकार ने स्‍वास्‍थ्‍य संसाधनों पर फोकस किया है। कोरोना महामारी में स्‍वास्‍थ्‍य संसाधनों की कमी के बाद से सरकार ने इस पर विशेष ध्‍यान दिया है। नए अस्‍पताल डाक्‍टरों की संख्‍या बढ़ाने पर जोर दिया है।

Anurag ShuklaPublish: Tue, 08 Mar 2022 11:54 AM (IST)Updated: Tue, 08 Mar 2022 11:54 AM (IST)
Haryana Budget 2022: हरियाणा में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं,  जानिए कुरुक्षेत्र को क्‍या मिला

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। कोरोना की तीन लहरों को पार चुका प्रदेश अब स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाले खतरों से निपटने के लिए मजबूत होगा। जिला में स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर नए अस्पताल बनाने की योजना प्रदेश सरकार के बजट में है। चिकित्सकों को भी मजबूत बनाया है। डाक्टरों का विशेषज्ञ कैडर प्रदेश में बनाया जाएगा। ऐसे डाक्टर केवल क्लीनिकल ड्यूटी करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर वित्त मंत्री प्रदेश का आम बजट विधानसभा में पेश किया। बजट में मेडिकल के क्षेत्र में खास घोषणाएं की हैं।

कुरुक्षेत्र को क्‍या मिला

- कुरुक्षेत्र में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

-आयुष, पोषण व भोजन से संबंधित सभी सुविधाएं एक वेलनेस सेंटर की छत के नीचे होगी

-सभी उप मंडलीय अस्पतालों में समुचित आक्सीजन की व्यवस्था रहेगी

-हर वर्ग के 1.80 लाख रुपये से कम आय वालों को आयुष्मान योजना का लाभ।

-डाक्टरों का विशेषज्ञ कैडर बनेगा। ऐसे डाक्टर केवल क्लीनिकल ड्यूटी करेंगे।

-राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 40 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवा के डाक्टरों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।

-नागरिक अस्पतालों में इलाज के लिए वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता मिलेगी।

-अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में रेस्तरां सुविधाएं मिलेंगी

-राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 40 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवा के डाक्टरों हेतु आरक्षित करने का निर्णय

- नागरिक अस्पतालों में इलाज के लिए वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता मिलेगी।

-अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में रेस्तरां सुविधाएं मिलेंगी।

-जो डाक्टर नगर पालिकाओं वाले छोटे शहरों और महाग्रामों में अपने नए अस्पताल नर्सिंग होम या क्लीनिक स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय संस्थानों से लिए जाने वाले ऋण पर ब्याज की राशि का भुगतान सरकार तीन साल तक करेंगी। रक्त संग्रह के लिए मोबाइल इकाइयां शुरू की जाएंगी।

-टीबी का पता लगाने के लिए हर खंड में मालिक्यूलर टेस्टिंग की सुविधा देंगे।

-नगरपालिकाओं वाले छोटे शहरों और महाग्रामों में अपने नए अस्पताल नर्सिंग होम या क्लीनिक स्थापित करने वाले चिकित्सकों को वित्तीय संस्थानों से लिए जाने वाले ऋण पर ब्याज की राशि का भुगतान सरकार तीन साल तक करेगी।

-कैथल और यमुनानगर जिलों में भी नए मेडिकल कालेज खुलेंगे।

-कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज करनाल की क्षमता का विस्तार किया जाएगा।

Edited By Anurag Shukla

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