5 लोग मौसा और भांजे को उतार रहे थे मौत के घाट, एक बना रहा था वीडियो

करनाल में चर्चित दोहरे हत्‍याकांड का पर्दाफाश हो गया है। पहले संग बैठकर शराब पिलाई फिर बेरहमी से घोंपे चाकू व तलवार। पांच आरोपित ने मौसा और भांजे को उतारा था मौत के घाट एक बनाता रहा वीडियो हत्या के बाद कमरा लॉक करके हो गए थे फरार।

Anurag ShuklaPublish: Fri, 23 Oct 2020 07:59 PM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2020 07:59 PM (IST)
5 लोग मौसा और भांजे को उतार रहे थे मौत के घाट, एक बना रहा था वीडियो

पानीपत/करनाल, जेएनएन। करनाल के चर्चित दोहरे हत्‍याकांड मामले में पुलिस ने आरोपितों को पकड़ लिया है। इस हत्याकांड को उनके जानकार युवकों ने ही अंजाम दिया था, जिन्होंने दोनों को मामूली कहासुनी के बाद हुई रंजिश के चलते योजना के तहत पहले शराब में धुत किया और फिर चाकू व तलवार आदि से उन पर ताबड़तोड हमला बोलकर मौत के घाट उतार दिया। बेरहमी से की गई इस हत्या की आरोपितों में से एक ने मोबाइल फोन में वीडियो भी बनाई और बाद में कमरा लॉक करके फरार हो गए थे।

सीआइए वन कार्यालय में डीएसपी राजीव कुमार व सदर थाना एसएचओ बलजीत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पुलिस ने इन चार आरोपितों को मेरठ रोड से काबू कर लिया है जबकि दो अभी भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपितों में प्रवीन कुमार व अभिषेक वासी बांसो गेट सहित अमित वासी सदर बाजार तथा चेतन वासी धक्का बस्ती शामिल हैं। सभी आरोपितों को शनिवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

अरुण था निशाने पर, जोगिंद्र की भी ले ली जान

डीएसपी के अनुसार आरोपितों ने स्वीकार किया कि उनकी पहले मृतक 30 वर्षीय अरुण के भाई के साथ जानकारी थी, जिसके बाद अरुण व उसके मौसा करीब 50 वर्षीय जोगिंद्र के साथ भी पहचान हो गई। वे अक्सर दोनों के साथ शराब पीते थे। इसी के चलते उनकी वीरवार को अरूण के साथ शराब के नशे में मामूली कहासुनी हुई तो अगले दिन सुबह फिर शराब पीकर कहासुनी और फिर झगड़ा हुआ। इसी रंजिश के चलते अरुण लगातार उनके निशाने पर था और योजना के तहत शाम को फिर शराब पीने पहुंचे। यहां दोनों के साथ-साथ संजय को भी शराब पिला दी। संजय अपने कमरे में जाकर नशे के चलते सो गया और उन्होंने पहले अरुण की हत्या की तो फिर नशे में पड़े जोङ्क्षगद्र को भी मौत के घाट उतार दिया। आरोपित हत्या को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए कुरुक्षेत्र व आसपास के जिलों में छिपते रहे। लेकिन इस बीच साइबर सैल की मदद से आरोपितों को मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ट्रेस करती रही और आखिरकार उन्हें काबू कर लिया।

वीडियो में कैद हत्याकांड, यही सबसे बड़ा सुबूत

डीएसपी ने बताया कि आरोपितों में एक के मोबाइल फोन में बनाई गई हत्याकांड की वीडियो पुलिस ने बरामद कर ली थी, जो इस मामले का सबसे बड़ा सुबूत है। हालांकि इस वीडियो की भी जांच कराई जा रही है जबकि फरार दो आरोपितों को काबू करने के लिए भी छापेमारी जारी है।

लॉक तोडऩे पर खून से सने मिले आलू-प्याज

शुक्रवार रात को ही आरोपित अरूण व जोगिंद्र की हत्या के बाद बाहर से कमरा लॉक कर फरार हो गए थे। अरुण सुबह उठा तो पहले उसने समझा कि पिता मजदूरी पर गए हैं। वह रात को सो गया था और जब उसे सुबह भूख लगी तो कुछ खाने लायक बनाने के लिए आलू-प्याज लेने की गरज से उसने दूसरे कमरे का लॉक तोड़ा, जहां उसे गेट के समीप ही रखे आलू व प्याज खून से सने मिले। उसे शक हुआ और फिर देखा तो उसके पिता जोगिंद्र व अरुण के खून से लथपथ शव पड़े थे। उसने तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाही लेकिन बैलेंस न होने पर पड़ोसी के फोन से सूचना दी।

Edited By Anurag Shukla

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