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फिरौती की आड़ में प्रदूषण बोर्ड के नोटिस का विरोध

जागरण संवाददाता, पानीपत : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चार उद्योगों को क्लोजर नोटिस दिए जाने से शह

Mon, 05 Dec 2016 02:44 AM (IST)
फिरौती की आड़ में प्रदूषण बोर्ड के नोटिस का विरोध

जागरण संवाददाता, पानीपत :

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चार उद्योगों को क्लोजर नोटिस दिए जाने से शहर के उद्यमी भड़क उठे। अलग-अलग एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने एकजुट होकर बैठक की। नोटिस को सरासर गुंडा टैक्स बताते हुए कहा कि बोर्ड और सरपंच की मिलीभगत से उद्योगों को परेशान किया जा रहा है। सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौपेंगे। एसपी को शिकायत दी जा चुकी है।

पसीनाकलां रोड स्थित विकास स्पिनिंग मिल में टेक्सटाइल कारोबारियों ने बैठक की। हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने कहा कि व्यापारी उद्यमी शांत प्रवृत्ति के होते हैं। जब सिर के उपर से पानी जाता है तभी वे सड़क पर उतरते हैं। उन्हें सड़क पर उतरने पर मजबूर किया जा रहा है। फिरौती की आड़ में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उद्यमियों को क्लोजर नोटिस भेज रहा है। एक भी उद्योग का नुकसान नहीं होने देंगे। गांव के सरपंच ने एक-एक लाख रुपये की मांग उद्यमियों से की है। जिसे सहन नहीं किया जा सकता। पसीना रोड पर 20 उद्योग लगे हैं। यहां कोई रंगाई उद्योग नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चार उद्योगों को नोटिस दिया। बोर्ड के अधिकारी सरपंच को साथ लेकर उद्योगों में पहुंचे। सरपंच मिन्टू शर्मा ने उद्यमियों से एक-एक लाख रुपये की मांग की। जिसके एवज में कार्रवाई न होने का भरोसा दिया। इस प्रकार के गुंडा टैक्स को सहन नहीं किया जा सकता।

हरियाणा व्यापार मंडल के जिला युवा अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने कहा कि इस तरह का अन्याय सहन नहीं कर सकते है। अपनी मांग को लेकर सभी व्यापारी सोमवार को उपायुक्त को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग करेंगे। एसपी को भी मामले की शिकायत दी जा चुकी है।

बैठक में हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स के उपाध्यक्ष धनराज बंसल, मोहन लाल गर्ग, ओल्ड इंडस्ट्रियल ऐरिया एसोसिएशन प्रधान विनोद ग्रोवर, यार्न एसोसिएशन के जगदीश अग्रवाल, पार्षद सुरेंद्र गर्ग, निर्यातक सुरेश गर्ग, नरेश गोयल, सुरेश गर्ग, मुकेश बंसल, अजय अग्रवाल, रामलाल, आरबी गुप्ता व हरिओम सहित स्पिनिंग व धागा मिलों के व्यापारी मौजूद रहे।

क्या है मामला

पसीना कलां रोड पर 20 उद्योग लगे हैं। ज्यादातर एक्सपोर्ट तथा धागा बनाने का उद्योग है। ये उद्योग 15-20 साल पहले से लगे हुए हैं। डेढ माह पूर्व गांव के सरपंच मिंटू शर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत दी कि उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी जमीन के नीचे बोर करके छोड़ा जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर सरपंच ने उपायुक्त चंद्रशेखर को शिकायत देकर कहा कि जमीन में गंदा पानी छोड़ने से गांव में बीमारी फैल रही। उपायुक्त के आदेशों पर शिकायतकर्ता के साथ टीम उद्योगों की जांच करने गई। जिसमें चार उद्योगों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम से गंदा पानी जाता मिला। कार्रवाई की स्वीकृति लेने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चंडीगढ़ मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी गई। इस रिपोर्ट पर चारों उद्योगों का क्लोजर नोटिस जारी हो गया। सोमवार को इन्हें सील किया जाना है।

क्लोजर नोटिस वाले 4 उद्योग

विकास स्पिनिंग मिल, जेके एक्सपोर्ट, डिलाइट एक्सपोर्ट, बालाजी स्पन टैक्स।

गलती पर कार्रवाई हो : नरेश

विकास स्पिनिंग मिल के मालिक नरेश गोयल का कहना है कि हमने गलती की हो तो कार्रवाई की जाए। उद्योगों में लेबर रहती है उनका घरेलू पानी ही बह रहा है। इस पर जो कार्रवाई बनती है वह करें। उद्योगों को सील करने से हजारों वर्करों को बेरोजगार क्यों किया जा रहा है। हमसे एक-एक लाख रुपये मांग की गई यदि हम दे देते तो यह कार्रवाई नहीं होती।

पीक एंड चूज की नीति क्यों अपनाई : नरवेदपुरी

व्यापारी नरवेदपुरी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पीक एंड चूज की नीति क्यों अपनाई। रोड पर सभी उद्योगों को चेक करते। पैसे की मांग के चलते यह हो रहा है।

पैसे न देने पर हुई शिकायत : अजय

उद्यमी अजय अग्रवाल का कहना है कि पैसे की मांग की गई। यदि सरपंच के कहने के अनुसार सभी उद्योग एक-एक लाख रुपये दे देते तो कोई नोटिस नहीं आता। सरपंच कहता है कि पैसे दे देंगे तो नोटिस का निपटारा हो जाएगा। इसका क्या मतलब है। यदि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करता है तो भी उसे सरपंच कैसे निपटारा कर सकता है।

उद्योग 15-20 साल से चल रहे : रामलाल

उद्यमी रामलाल ने कहा कि 15-20 साल से उनके उद्योग चल रहे है। फैक्टरी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है। जानबूझ कर उन्हें तंग करने के लिए शिकायत की गई। यदि हम पानी छोड़ रहे हैं। तो उसे बंद करवा दें। उद्योगों को बंद क्यों किया जा रहा है। उद्योगों को बंद नहीं होने देंगे।

''शिकायत कर्ता को साथ लेकर जाना होता है। इसीलिए शिकायत कर्ता सरपंच मिंटू शर्मा को साथ लेकर पसीना कलां रोड पर छह उद्योगों का निरीक्षण किया गया। जिनमें चार उद्योगों मे हार्वेस्टिंग सिस्टम से घरेलू नहाने धोने का पानी भूमि के नीचे जाता मिला। बालाजी स्पन टैक्स में ब्लीचिंग का पानी भी जाता मिला। चारों उद्योगों के क्लोजर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सोमवार को सील की कार्रवाई होगी। '' कार्रवाई के बाद यदि उद्योग गंदे पानी को जमीन में छोड़ना बंद कर देंगे तो सील हटा दी जाएगी।

भूपेंद्र सिंह चहल

क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ)

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानीपत

आरोप है निराधार : सरपंच

सरपंच मिंटू शर्मा ने कहा कि उद्यमी उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कोई पैसा नहीं मांगा। बल्कि मामले की शिकायत होने पर उद्यमी उसे मिलने घर आए थे। ले देकर मामला शांत करने की बात कही। लेकिन मैने कोई पैसा नहीं लिया। मुझे गांव ने सरपंच चुना है। गंदा पानी आने के कारण ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। इसी लिए हमने उद्योगों को गंदा पानी जमीन में न छोड़ने की शिकायत की थी। गंदा पानी छोड़ना यदि उद्योग बंद कर दें तो उनकी कोई शिकायत नहीं है। पैसे लेने का आरोप निराधार है। उनका नुकसान हो रहा है इसीलिए भय स्वरूप ये अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

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