This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

चित्रकूट जेल गैंगवार, पानीपत के जिस गांव से मुकीम गैंगस्टर बना, उसी में सुपुर्द-ए-खाक

चित्रकूट जेल में मुकीम की हत्या कर दी गई थी। मुकीम को उसी गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया जहां से गैंगेस्‍टर बना था। उसके पैतृक गांव में कोई नहीं रहता। इस वजह से शव मामा के गांव पहुंचाया गया था।

Anurag ShuklaMon, 17 May 2021 11:55 AM (IST)
चित्रकूट जेल गैंगवार, पानीपत के जिस गांव से मुकीम गैंगस्टर बना, उसी में सुपुर्द-ए-खाक

पानीपत, जेएनएन। पश्चिमी उप्र के दुर्दांत अपराधी मुकीम काला को आखिरी वक्त में पैतृक गांव जहानपुर की मिट्टी भी नसीब न हुई। चित्रकूट जेल में हत्या के बाद स्वजन शव को हरियाणा के गांव अधमी में ले गए। रविवार को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। यहां उसके मामा रहते हैं। इसी गांव से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। 

शनिवार को मुकीम का शव मां मीना व परिवार के अन्य सदस्यों के सुपुर्द किया गया था। शनिवार देर रात मुकीम का शव लेकर स्वजन हरियाणा के पानीपत जिले के गांव अधमी में पहुंचे। शामली के जहानपुर में मुकीम काला का मकान खंडहर में तब्दील हो चुका है। परिवार के लोग भी गांव से बाहर ही रहते हैं। हालांकि, मुकीम की हत्या की खबर आने के बाद कुछ ग्रामीणों ने उसके मकान में साफ-सफाई भी कर दी थी, क्योंकि कयास लगाए जा रहे थे कि शव को गांव में लाया जा सकता है। 

मुकीम की मां ने फिर लगाए पुलिस-प्रशासन पर आरोप

मुकीम की मां मीना ने पुलिस-प्रशासन पर फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि जेल के अंदर जब स्टील का चम्मच भी नहीं जाने दिया जाता तो पिस्तौल कैसे पहुंच गई। मुकीम की हत्या में सहारनपुर, शामली व चित्रकूट पुलिस का हाथ है। मुकीम को सात-आठ दिन पहले ही चित्रकूट जेल ले जाया गया था, इससे पहले वह सहारनपुर की जेल में बंद था। कभी स्कूल से तो कभी खेत से उठाकर उस पर केस लगाने के आरोप लगाए। 

चिनाई मजदूरी से बना जुर्म का बादशाह 

उप्र के शामली जिले के कैराना थाना के गांव जहानपुर का मुकीम काला बहुत जल्द जुर्म की दुनिया का बादशाह बन गया। कुछ साथियों के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश में आतंक बरपाने वाले कागा गिरोह में रहते हुए उसने कई जगह वारदात की। कागा के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसने खुद का गिरोह बना लिया। हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली व उत्तराखंड में अपराध किया। दो लाख रुपये के इनामी मुकीम उर्फ काला की चित्रकूट में शुक्रवार को जेल में हत्या हो गई। वह कई साल तक कुरुक्षेत्र जेल में भी रहा। पहले चिनाई मजदूरी करता था। बाइक चोरी के बाद अपराध की दुनिया में आया।

हथियारों का जखीरा मिला था 

मुकीम के गैंग से एके 47, 30 बोर पिस्टल मय दो मैगजीन, रिवाल्वर 38 बोर व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। मुकीम पर हत्या के 16, लूट के 22 मामले सहित 61 केस दर्ज हैं। उसके गिरोह में शामली, कैराना, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के बदमाश शामिल थे। कई तो शार्प शूटर थे।

सिपाही की हत्या की थी

मुकीम पर 50 करोड़ से ज्यादा की लूटपाट व हत्याओं का आरोप था। सात साल पहले पांच जून को हरियाणा से दो पेट्रोल पंपों से डकैती करके भागते हुए मुकीम काला ने दिन-दहाड़े सहारनपुर में हसनपुर रजवाहे पर सिपाही राहुल ढाका की हत्या कर उसकी कारबाइन लूट ली थी। ज्वैलरी शॉप में करोड़ों की डकैती डालने के बाद सहारनपुर पुलिस ने गैंग के सभी शार्प शूटरों को जेल भेज दिया था। इसके बाद से ही गैंग की कमर टूट चुकी थी।

 

Edited By: Anurag Shukla

पानीपत में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!