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Indian Railways: शताब्दी और राजधानी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को लेकर बड़ा फैसला, जीआरपी को हटा आरपीएफ को दी गई जिम्मेदारी

Indian Railways शताब्‍दी और राजधानी जैसी महत्‍वपूर्ण ट्रेनों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब जीआरपी को हटाकर आरपीएफ को सुरक्षा की जिम्‍मेदारी दी गई है। मानीटरिंग को लेकर अफसरों के लिए जारी हुआ शेड्यूल। आरपीएफ के जवान करेंगे इन ट्रेनों में गश्त।

Anurag ShuklaFri, 01 Oct 2021 05:19 PM (IST)
Indian Railways:  शताब्दी और राजधानी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को लेकर बड़ा फैसला, जीआरपी को हटा आरपीएफ को दी गई जिम्मेदारी

अंबाला, [दीपक बहल]। शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में सुरक्षा के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के नवनियुक्त डीजीपी संजय चंद्र ने 27 सितंबर 2021 को नई गाइडलाइन जारी की है। इसकेअनुसार अधिकतर महत्वपूर्ण ट्रेनों में राजकीय रेलवे पुलिस(जीआरपी) के बजाय आरपीएफ के जवान सुरक्षा में लगाए गए हैैं। ट्रेनों में गश्त को लेकर शेड्यूल जारी किया गया है, जिसमें पोस्ट प्रभारी से लेकर सीनियर कमांडेंट तक की ड्यूटी लगाई गई है। यह व्यवस्था पहली बार की गई है।

रेलगाड़ी में आरपीएफ इंस्पेक्टर (पोस्ट प्रभारी) 15 दिनों में एक बार, सब इंस्पेक्टर सप्ताह में एक बार और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सप्ताह में दो बार यात्री सुरक्षा को देखेंगे। इसी तरह ट्रेनों में आरक्षित डिब्बे के लिए आरपीएफ के इंस्पेक्टर (पोस्ट प्रभारी) सप्ताह में एक बार, सब इंस्पेक्टर सप्ताह में दो दिन और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सप्ताह में तीन दिन यात्री सुरक्षा को परखेंगे। दूसरी ओर ट्रेनों में गश्त की मानीटिरंग करने के लिए सीनियर कमांडेंट को महीने में चार बार, कमांडेंट/मुख्यालय को महीने में चार बार, सहायक कमांडेंट को सप्ताह में दो बार और पोस्ट कमांडर को सप्ताह में तीन बार ट्रेनों में सवार होकर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था देखनी होगी।

नई व्यवस्था में एक एसओ होना जरूरी

ट्रेन में एक सबार्डिनेट आफिसर (एसओ) जरूर होगा, जबकि उनकी अनुपस्थिति में एक हेड कांस्टेबल होगा।

- ट्रेन में गश्त कर रही टीम को ड्यूटी आफिसर बताएंगे कि किस ट्रेन पर ड्यूटी है और कहां पर ट्रेनों में असामाजिक तत्व किन क्षेत्रों में चढ़ सकते है

- ड्यूटी आफिसर रात्रि 10 बजे से सुबह चार बजे तक गश्त करने वाले कर्मचारियों से संपर्क करेगा और उनके हस्ताक्षर बीट बुक लेंगे अथवा कमांड प्रमाणपत्र का आदान प्रदान करेंगे।

- सभी प्रकार की एंट्री पोस्ट की स्टेशन डायरी में होनी चाहिए।

- गश्त खत्म करने के बाद एसओ कर्मचारियों से बात कर अपनी टिप्पणी जनरल डायरी में लिखेंगे। साप्ताहिक टिप्पणी भी लिखेंगे, जो उच्चाधिकारियों को भेज जाएगी।

- मासिक क्राइम मीटिंग का भी आयोजन किया जाएगा।

- ट्रेनों में गश्त की ड्यूटी और निगरानी की समय समय पर समीक्षा होगी।

Edited By: Anurag Shukla

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