47 करोड़ 86 लाख की लागत से तैयार हो रहा जेल : उपायुक्त

जागरण संवाददाता नूंह उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि जल्द ही नूंह जिले में जिला कार

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 05:10 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 05:10 PM (IST)
47 करोड़ 86 लाख की लागत से तैयार हो रहा जेल : उपायुक्त

जागरण संवाददाता, नूंह : उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि जल्द ही नूंह जिले में जिला कारागार बनकर तैयार हो जाएगी। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। करीब साढ़े 29 एकड़ 5 कनाल जमीन पर 47 करोड़ 86 लाख की लागत से बनाई जा रही इस जेल को हरियाणा पुलिस हाउसिग कारपोरेशन द्वारा बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नूंह को जिला बने 16 वर्ष हो गए हैं, लेकिन यहां अभी जेल नहीं है। यहां के कैदियों को फिलहाल गुरुग्राम की भौंडसी जेल में रखा जा रहा है। सरकार नूंह में भी सलंबा गांव की साढ़े 29 एकड़ पांच कनाल में जेल बना रही है। जेल की सुरक्षा के लिए तीन बाउंड्री बनाई जा रही है। बाहर की बाउंड्री 9 फीट ऊंची, बीच वाली 20 फीट तथा अंदर वाली बाउंड्री 12 फीट ऊंची होगी। निगरानी के लिए अंदर छह वाच टावर बनाए जा रहे हैं। ये सभी टावर नौ से 20 फीट ऊंची बाउंड्री के बीच होंगे। नूंह-पलवल रोड पर स्थित यह जेल सलंबा व सालाहेड़ी गांव के बीच है, तो पुलिस लाइन व फिरोजपुर नमक गांव से सटी हुई है। जिला न्यायिक परिसर से इसकी दूरी महज एक किलोमीटर है। जेल में कैदियों की देखरेख के लिए एक अस्पताल, पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी, कैंटीन, सुरक्षा के लिए अलग से सेल, एडमिन ब्लाक, कंट्रोल रूम, कैदियों के काम करने के लिए यहां एक शेड भी बनाया जाएगा। जेल में कैदियों के रहने के लिए 12 बैरक होंगी, जिनमें 5 बैरक पुरुष कैदियों के लिए तो एक महिला कैदियों के लिए बनाई जा रही है। 2 बैरक खूंखार कैदियों के लिए, 2 बैरक कर्मचारी कैदियों के लिए तो 2 बैरक वीआइपी कैदियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। एक बैरक में 126 पुरुष कैदियों को रखा जाएगा, जबकि महिलाओं के लिए यह क्षमता 114 होगी। एक बैरक में केवल 12 कैदी और 24 कर्मचारी रह सकेंगे। वीआइपी कैदी एक बैरक में मात्र 15 ही रह सकते हैं। लिहाजा इन 12 बैरक में कुल 846 कैदियों को रखा जा सकता है। जेल के कैदियों को काम करने के लिए दिया जाएगा, ताकि वो अपने भविष्य को संवार सकें। कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि नूंह में जिला कारागार का काम तेजी से चल रहा है। समय-समय पर उसका निरीक्षण किया जाता रहा है। हालांकि यह अब से पहले तैयार हो जानी थी, लेकिन कोरोना व अन्य कारण से ऐसा नहीं हो सका। लेकिन, अब इसे कुछ महीनों में तैयार कर दिया जाएगा। यहां कैदियों के लिए सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे।

Edited By Jagran

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