जिले के हरित क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी

अवैध खनन और नए हाईवे निर्माण के बावजूद महेंद्रगढ़ जिले के हरित क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली है पर इसे सकारात्मक नजरिये से देखा जाए तो इसे भविष्य के लिए सुखद संकेत माना जा सकता है।

JagranPublish: Thu, 13 Jan 2022 07:19 PM (IST)Updated: Thu, 13 Jan 2022 07:19 PM (IST)
जिले के हरित क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी

बलवान शर्मा, नारनौल

अवैध खनन और नए हाईवे निर्माण के बावजूद महेंद्रगढ़ जिले के हरित क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हालांकि, यह बढ़ोतरी मामूली है पर इसे सकारात्मक नजरिये से देखा जाए तो इसे भविष्य के लिए सुखद संकेत माना जा सकता है। जिलावासियों की सजगता कहें या फिर वन विभाग की सक्रियता दोनों ही स्थिति में हरित क्षेत्र का बढ़ना जिले के पर्यावरण और वन्य जीवों के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है।

वन विभाग द्वारा इस संबंध में हर दो साल में सर्वे किया जाता है। 2021 में किए गए सेटेलाइट सर्वे की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को सार्वजनिक हुई है। इस रिपोर्ट में महेंद्रगढ़ के अलावा रेवाड़ी में हरित क्षेत्र बढ़ा है। यहां स्पष्ट कर दें कि वन क्षेत्र नहीं बढ़ा है पर हरित क्षेत्र बढ़ा है। कोरोना काल में हरित क्षेत्र का बढ़ना जरूरी भी माना जा रहा था, क्योंकि 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन का भारी संकट खड़ा हो गया था। इस बात को लेकर जिलावासी सचेत रहे और पौधारोपण पर अधिक से अधिक जोर दिया गया। किसानों और सरकारी भूमि पर भी पौधे लगाने की मुहिम चली और इसका परिणाम यह रहा कि जिले में अंधाधुंध अवैध खनन और हाईवे की चपेट में हजारों पेड़ आने के बाद भी हरित क्षेत्र बढ़ा है। इसे अच्छे संकेत तो मान सकते हैं पर पेड़ काटने वालों के लिए चेतावनी भी है कि आने वाले समय में पर्यावरण और पेड़ों को लेकर गंभीर नहीं हुए तो हालात बदलते देर नहीं लगेगी।

सर्वे रिपोर्ट का आकलन करें तो जिले में सघन वन क्षेत्र बिल्कुल भी नहीं बचे हैं। हां मध्यम सघन वन क्षेत्र जरूर हैं। खुले जंगल और झाड़ वाले एरिया की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है। गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ जिले में वर्तमान में कई नेशनल हाईवे बन रहे हैं। इन हाईवे के निर्माण के दौरान हजारों पेड़ कट गए थे। हालांकि, विकास के लिए पेड़ों का काटना मजबूरी भी थी पर यह आशंका थी कि इससे जिले का हरित क्षेत्र कम हो जाएगा। सर्वे रिपोर्ट में सकारात्मक परिणामों ने बड़ी राहत भी दी है। कुल एरिया 1899 वर्ग किलोमीटर

सघन जंगल 00

मध्यम संघन जंगल 20.82 वर्ग किलोमीटर

खुला जंगल 82.56 वर्ग किलोमीटर

कुल बढ़ोतरी 0.09 प्रतिशत

झाड़ 34.29 वर्ग किलोमीटर क्या मापदंड हैं वनों के

संघन जंगल- 70 प्रतिशत से ज्यादा भूमि पेड़ों से कवर होना

मध्यम संघन जंगल- 40-70 प्रतिशत भूमि पेड़ों से कवर होना

खुला जंगल- 10 से 40 प्रतिशत पेड़ों से कवर होना

झाड़ या खाली 10 प्रतिशत से कम कवर क्षेत्र यह जिलावासियों की जागरूकता एवं सहयोग का ही परिणाम है कि महेंद्रगढ़ जिले का हरित क्षेत्र बढ़ा है। यह जागरूकता और बढ़ोतरी भविष्य में भी बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। चुनौतियों के बावजूद जिले में हरित क्षेत्र का बढ़ना शुभ संकेत है।

रोहताश नैन, जिला वन राज्यिक अधिकारी,महेंद्रगढ़

Edited By Jagran

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