कुपोषित बच्चों के माता-पिता से लगातार मिलें अधिकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव डा. जी अनुपमा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की रीयल-टाइम निगरानी और ट्रैकिग के लिए पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन शुरू की गई है।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 06:56 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 06:56 PM (IST)
कुपोषित बच्चों के माता-पिता से लगातार मिलें अधिकारी

जागरण संवाददाता, नारनौल : महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव डा. जी अनुपमा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की रीयल-टाइम निगरानी और ट्रैकिग के लिए पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन शुरू की गई है। यह एप्लीकेशन बहुत ही आसान है सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आंगनबाड़ी से संबंधित सभी सूचनाएं इस एप के माध्यम से भेजी जाए। प्रधान सचिव अनुपमा शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों के संबंध में राज्य के सभी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रही थी। इसके अलावा उन्होंने आधार एनरोलमेंट व प्ले स्कूल के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

प्रधान सचिव डा. जी अनुपमा ने निर्देश दिए कि सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी कमजोर बच्चों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें। यह केवल सरकारी काम नहीं है। यह सामाजिक कार्य भी है। जिलों में कुपोषित बच्चों के माता-पिता से लगातार मिलें तथा उन्हें सही डाइट चार्ट बना कर दें। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के माता-पिता को परामर्श और आहार योजना दी जा रही है। ऐसे बच्चों की निगरानी लगातार की जाए। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। पिछले एक-दो महीने में अच्छे परिणाम भी देखने को मिले हैं। प्रधान सचिव ने कहा कि यह केवल एक ही विभाग का काम नहीं है। इसमें अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ तालमेल करके कार्य करें। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर के माध्यम से पोषण ट्रैकर पर डेटा अपलोड करने में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्री-स्कूल शिक्षा (प्ले स्कूल) को प्रदेश में और भी अधिक सु²ढ़ बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2020-2021 में तीन से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 4000 प्ले स्कूल खोलने की घोषणा की थी। सभी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का प्ले स्कूल में प्रशिक्षण दिलवाया जाए। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव ने बताया कि पोषण ट्रैकर पर डाटा अपलोड करने में जिला महेंद्रगढ़ सबसे आगे है। इसी प्रकार कुपोषित बच्चों तथा अति कुपोषित बच्चों में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले तीन चार महीने में सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।इस मौके पर सीएमजीजीए कृतिश कुमार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला समन्वयक अनूप सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Edited By Jagran

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