कौशल रोजगार निगम से मिलेगा नौकरियों में समान अवसर : सुधा

आउटसोर्सिंग पालिसी वन वे पालिसी टू के लिए सभी नियुक्ति कौशल रोजगार निगम के माध्यम से की जाएगी। इससे ठेकेदारी प्रथा के तहत कर्मचारियों के हितों से हो रहे खिलवाड़ को बंद किया जाएगा वहीं योग्यता आधार पर युवाओं को रोजगार देना सुनिश्चित किया जाएगा।

JagranPublish: Sun, 14 Nov 2021 04:59 PM (IST)Updated: Sun, 14 Nov 2021 04:59 PM (IST)
कौशल रोजगार निगम से मिलेगा नौकरियों में समान अवसर : सुधा

- कौशल कौशल रोजगार निगम ने की पोर्टल की शुरुआत

- अनुबंध आधार की नियुक्तियों में पारदर्शिता होगी सुनिश्चित

- नौकरी के लिए उम्मीदवार कर सकते है अपना पंजीकरण

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : आउटसोर्सिंग पालिसी वन वे पालिसी टू के लिए सभी नियुक्ति कौशल रोजगार निगम के माध्यम से की जाएगी। इससे ठेकेदारी प्रथा के तहत कर्मचारियों के हितों से हो रहे खिलवाड़ को बंद किया जाएगा, वहीं योग्यता आधार पर युवाओं को रोजगार देना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश में रोजगार में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने बिना पर्ची-खर्ची की जो व्यवस्था बनाई गई है, उसी व्यवस्था का विस्तार करते हुए अब कौशल रोजगार निगम के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियुक्तियों में भी पारदर्शिता लाना सुनिश्चित किया जाएगा।

विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि प्रदेश में ठेका प्रथा को बंद करते हुए आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगाया जाएगा। इसके लिए हरियाणा कौशल विकास निगम ने अपना पोर्टल लांच कर दिया है। जिसके माध्यम से योग्य युवा आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में ठेकेदार एजेंसियों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों की ओर से ईपीएफ, ईएसआइ की सुविधा नहीं देने की शिकायत की जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। निगम के माध्यम से योग्य युवाओं को न केवल रोजगार दिया जाएगा, बल्कि उनके कौशल विकास के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे युवाओं के भविष्य से होने वाले खिलवाड़ पर रोक लगेगी।

पोर्टल पर पीपीपी की मदद से होगा पंजीकरण

पोर्टल पर उम्मीदवार अपनी परिवार पहचान-पत्र आईडी का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते है। सरकारी विभाग व संस्थाएं इस पोर्टल पर कर्मचारियों की आवश्यकता के बारे अधिसूचित करेंगी। पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति योग्यता व निर्धारित मानदंडों के अनुसार की जाएगी। मौजूदा कर्मचारियों को भी इस पोर्टल पर दर्शाया जाएगा। जिलों में लागू डीसी रेट को अब निगम रेट कहा जाएगा और यह रेट मुख्य सचिव के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग तय करेगा। यह रेट कौशल विकास निगम के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।

Edited By Jagran

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