गीता महोत्सव के 72 विजेताओं को दो माह बाद भी नहीं मिला इनाम

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 का समापन हुए करीब दो माह बीत चुके है। इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से छठी से आठवीं कक्षा और नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए अलग-अलग नौ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया था। निर्णायक मंडल के 28 सदस्यों ने प्रथम चार सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया था।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 05:08 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 05:08 PM (IST)
गीता महोत्सव के 72 विजेताओं को दो माह बाद भी नहीं मिला इनाम

फोटो - 2 - शिक्षा विभाग को 72 विजेताओं को 53,100 रुपये की इनाम राशि है देनी

- अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई थी नौ विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं

- छह से आठवीं और नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने दो वर्गो में लिया था भाग जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 का समापन हुए करीब दो माह बीत चुके है। इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से छठी से आठवीं कक्षा और नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए अलग-अलग नौ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया था। निर्णायक मंडल के 28 सदस्यों ने प्रथम चार सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया था। लेकिन अभी तक विजेता प्रतिभागियों के पास उनकी इनाम राशि नहीं पहुंची है। विजेता प्रतिभागी अपनी इनाम राशि आने की राह देख रहे हैं।

नौ विधाओं में 40 हजार प्रतिभागियों ने लिया था भाग

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 पर आयोजित नौ विधाओं में छठी से आठवीं कक्षा और नौवीं से 12वीं कक्षा के दोनों वर्गों में राजकीय व निजी स्कूलों के 40 हजार विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता दर्ज कराई थी। इन 40 हजार प्रतिभागियों में से प्रथम चार सर्वश्रेष्ठ निकालने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से 28 जजों को नियुक्त किया था। इन 28 जजों में ड्राइंग टीचर और पीजीटी टीचरों को लिया गया था। जजों ने दो वर्गों में आयोजित नौ विधाओं में 18 प्रथम, 18 द्वितीय, 18 तृतीय और 18 चतुर्थ विजेता निकाले।

ये प्रतियोगिताएं कराई

रंगोली, कोलाज मेकिग, क्ले माडलिग, सांझी, पाट डेकोरेशन, फ्लावर शो, मेहंदी, फैंसी ड्रेस व कढ़ाई। इनाम राशि पर एक नजर

स्थान इनाम राशि (रुपये में)

प्रथम 1100

द्वितीय 750

तृतीय 600

चतुर्थ 500 वर्जन :

विभाग की ओर से सभी विजेताओं की सूची विद्यालय अनुसार बना ली है। अब जल्द ही विद्यालय स्तर पर इनामी राशि रिलीज कर दी जाएगी। जिसके बाद विद्यालय ही अपने-अपने प्रतिभागी विजेता बच्चों को राशि देंगे।

अरुण आश्री, जिला शिक्षा अधिकारी, कुरुक्षेत्र।

Edited By Jagran

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