सीकरी गांव के संजीव की आस्ट्रिया में मौत, परिवार में मातम

जागरण संवाददाता करनाल जिले के सीकरी गांव के रहने वाले संजीव की आस्ट्रिया में बीमारी

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:08 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:08 PM (IST)
सीकरी गांव के संजीव की आस्ट्रिया में मौत, परिवार में मातम

जागरण संवाददाता, करनाल : जिले के सीकरी गांव के रहने वाले संजीव की आस्ट्रिया में बीमारी के चलते मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। संजीव को अंतिम समय में अपनी मिट्टी भी नसीब नहीं हो पाएगी और उसके शव का अंतिम संस्कार वहीं 26 जनवरी को किया जाएगा। इसके लिए वहां रहने वाले भारतीय लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

जानकारी के अनुसार दो भाईयों में बड़ा संजीव करीब 13 साल पहले आस्ट्रिया गया था। वहां कभी चालक तो कभी अन्य प्रकार के कार्य करके वह अपना गुजर-बसर करने लगा था। स्वजनों के मुताबिक 2015 में उसने वहीं लव मैरिज कर ली थी लेकिन वहां रहने को लेकर दस्तावेज पूरे न होने के चलते तीन साल पहले उसे भारत के लिए डिपोर्ट कर दिया गया था। इस बीच उसकी पत्नी ने वहां अदालत में केस दायर कर संजीव को वहीं बुलाने के लिए लड़ाई लड़ी। बाद में अदालत ने उसे वहीं बुलाए जाने के आदेश सुना दिए थे, जिसके चलते 18 माह तक यहां रहने के बाद वह 21 जनवरी 2019 को फिर आस्ट्रिया चला गया था।

------------------

1800 यूरो जुर्माना भरने का आया था आखिरी मैसेज

भाई सलिद्र ने बताया कि उनके पास आठ दिसंबर को संजीव ने मैसेज भेजा था, जिसमें बताया था कि कुछ समय पहले गाड़ी चलाने के दौरान हुए यातायात नियमों की अवहेलना पर उसे 1800 यूरो का जुर्माना भुगतना है। वह इसके लिए थाने जा रहा है और अब करीब डेढ़ माह तक उसकी मोबाइल फोन पर भी बात नहीं हो सकेगी। उन्हें शंका थी कि जुर्माने के चलते उसे कुछ दिन की सजा की होगी लेकिन अब उनके पास आस्ट्रिया में ही रहने वाले गांव खनौदा वासी युवकों ने 17 जनवरी को काल करके बताया कि उसकी बीमारी के चलते मौत हो गई है। इससे पूरा परिवार गम में डूब गया।

---------------------

अपने वतन नहीं लाया जा सकेगा शव

सलिद्र का कहना है कि उसका भाई पहले भी अक्टूबर माह में लीवर खराब होने के चलते बीमार हो गया था। कुछ दिन बाद वह ठीक हो गया था। वह दीवाली पर यहां आना चाहता था लेकिन बीमारी के चलते उसे वहां कोरोना रोधी टीका नहीं लगाया जा सका। ऐसे में उसका यहां आना संभव नहीं हो सका। इसी अड़चन के चलते उसका शव भी यहां नहीं लाया जा सकेगा। अब वहां रहने वाले करनाल, कैथल व आसपास के लोग ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम