कर्मचारियों पर दर्ज हुए मामले के विरोध में आंदोलन करेंगे रोडवेज कर्मी

--रोडवेज कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करें सरकार सांझा मोर्चा फोटो 16 जागरण संवादद

JagranPublish: Tue, 17 May 2022 06:29 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 06:29 PM (IST)
कर्मचारियों पर दर्ज हुए मामले के विरोध में आंदोलन करेंगे रोडवेज कर्मी

--रोडवेज कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करें सरकार : सांझा मोर्चा

फोटो: 16 जागरण संवाददाता, जींद: रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की बैठक बिजेंद्र, अनिल ढांडा, अमरजीत, अनिल गौतम, सुशील ईक्कस व सुदर्शन लाठर की अध्यक्षता में वर्कशाप परिसर में हुई। रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा बैठक का संचालन सज्जन कंडेला ने किया। रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य जयवीर घणघस, शरबत पूनिया, दलबीर किरमारा, संदीप रंगा, रमेश, सुरेंद्र, जयपाल चौहान, अनूप लाठर व रामनिवास खरकभूरा ने कहा कि 28 व 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी शामिल हुए थे।

कर्मचारियों की व्यापक एकता से बौखलाकर सरकार ने सांझा मोर्चा पलवल के नेताओं पर लूटपाट एवं डकैती जैसी संगीन धाराएं लगाई हैं। सिरसा में कर्मचारियों पर मुकदमें दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। संगीन धाराओं को रद्द करवाने के लिए सांझा मोर्चा संघर्ष कर रहा है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की प्रदेश कमेटी द्वारा इसे लेकर दो टीम बनाकर प्रदेशभर का दौरा किया जा रहा है। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के निर्धारित कार्यक्रम के तहत सांझा मोर्चा डिपो जींद में बैठक का आयोजन किया गया। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के कार्यक्रम 28 मई तक चलेगा। एक जून से तीन जून तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल जनता के सामने खोली जाएगी। इसके बावजूद भी यदि झूठे मुकदमें रद्द नहीं हुए और कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो आठ जून को परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पास हस्ताक्षर किए हुए पत्र भेजे जाएंगे। उन्होंने कह कि परिवहन मंत्री से छह जनवरी व चार जून 2020 को बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन मांगों के लागू होने का रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इन मांगों को लागू नहीं किया गया है। कर्मचारी नेता ने कहा कि देश व प्रदेश में मौजूदा सरकार से समाज का हर वर्ग परेशान है। एकजुटता से लड़ाई लड़ना ही इसका एक मात्र विकल्प है। यह हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें :

कर्मचारियों के मुख्य मांगें हैं कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए। रोडवेज बेड़े में दस हजार बसें शामिल कर 70 हजार बेरोजगार युवकों को रोजगार दिया जाए। इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, निजीकरण, ठेका प्रथा, परिचालक, चालक व लिपिक का ग्रेड बढ़ाने, जोखिम भरा कार्य करने वाले कर्मचारियों को पांच हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, 1992 से 2003 के बीच लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, बोनस की स्थाई नीति बनवाने, हरियाणा रोडवेज में 2018 के चालकों को कौशल निगम में शामिल नहीं करने, कर्मशाला के कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान व पहले की तरह सार्वजनिक अवकाश देने, चालकों की पदोन्नति पंजाब, हिमाचल व डीटीसी की तर्ज पर निरीक्षक के पद पर करने, श्रम कानूनों के अनुसार आठ घंटे की ड्यूटी लेने, आठ घंटे से ज्यादा की ड्यूटी का ओवरटाइम लागू करने, सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, विभाग में हजारों खाली पड़े पदों पर पक्की भर्ती करना, मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू करना, अनुकंपा अधिनियम 1964 को पहले की भांति लागू किया जाए।

इस अवसर पर राजकुमार, जयवीर, जाकिर, धर्मेंद्र, सतीश, बलकार, रामचंद्र, तनवीर, रोहताश, कूका, सोनू व संजय भी मौजूद रहे।

Edited By Jagran

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