जियो तो देश के लिए, मरो तो देश के लिए : चौहान

संस्कार भारती जींद इकाई द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर एक शाम शहीदों के नाम गोष्ठी करवाई गई।

JagranPublish: Thu, 27 Jan 2022 06:58 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 06:58 PM (IST)
जियो तो देश के लिए, मरो तो देश के लिए : चौहान

जागरण संवाददाता, जींद : संस्कार भारती जींद इकाई द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर एक शाम शहीदों के नाम काव्य गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया। कार्यक्रम में प्रांत प्रमुख अभिषेक गुप्ता व डा. पवन आर्य मुख्य अतिथि रहे। साहित्यकार ओम प्रकाश चौहान मुख्य वक्ता व अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने निभाई। अभिषेक गुप्ता ने कहा कि जींद की धरती पर काफी साहित्यकार हैं, ऐसे हर मास कवि गोष्ठी का आयोजन करना चाहिए। डा. पवन आर्य ने कहा हरियाणा के लिए गौरव का विषय है कि गणतंत्र दिवस पर राजधानी में हरियाणा की झांकी की प्रतिभा गीता की थीम वाली है। ओम प्रकाश चौहान ने कहा हमें अपने भावों में राष्ट्रप्रेम को प्रथम स्थान देना चाहिए और इस पर लिखने को प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम के अध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने सफल कार्यक्रम को आयोजित करने पर बधाई दी और कहां ऐसे आयोजनों से हम दूर बैठे व्यक्तियों से भी रूबरू सुन सकते हैं। कैथल से हरीश झंडंई ने कहा जननी भारत भारत भूमि सबसे करती प्यार ना देखती मजहब ना खून न्यारा लगता है बस बेटा प्यारा। जुलाना से कवि जयदेव ने मां सपूतों की कहानी आज है सूरत वो रूहानी याद है। कवि सतीश ने कहा मेरा वतन विश्व गुरु मेरा हिदुस्तान है। ममता ने कहा राम पर व संगीता ने बचपन की कविता पर अपने भाव व्यक्त किए। नरेंद्र अत्रि ने कहा इस जिदगी को एक नया एहसास चाहिए कदम कदम पर जीने का विश्वास चाहिए। मंजु मानव ने कहा माथे में जिदगी में आस लम्हे लिए देखो, दस्तके मौत है गूंजी जिदगी का अदब देखो।

Edited By Jagran

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