संतुलित आहार व नियमित योगाभ्यास से शरीर बनाए निरोग : डा. मोनिका

चौधरी धीरपाल राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवन शैली विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन शुक्रवार को विशेष सत्र का आयोजन हुआ।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:27 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:27 PM (IST)
संतुलित आहार व नियमित योगाभ्यास से शरीर बनाए निरोग : डा. मोनिका

संवाद सूत्र, बादली : चौधरी धीरपाल राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवन शैली विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन शुक्रवार को विशेष सत्र का आयोजन हुआ। आयुष विभाग से सहायक आयुर्वेदिक अधिकारी डा. मोनिका ने आनलाइन सत्र में महिलाओं की सामान्य समस्याओं की पहचान, प्रबंधन, महावारी स्वच्छता व एनिमिया आदि को लेकर आयुर्वेद संबंधी उपयोगी जानकारी दी।

महिला प्रकोष्ठ प्रभारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर शर्मिला ने दूसरे दिन के सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि आनलाइन माध्यम से डा. मोनिका ने छात्राओं को कोविड से बचाव, संतुलित आहार, महावारी स्वच्छता आदि विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिला प्रकोष्ठ की सदस्य डा. सीमा, डा. मंजू, निशा मलिक के अतिरिक्त डा. पूनम, डा. अंजू व लाइब्रेरियन जयश्री सहित महाविद्यालय की छात्राओं ने भागीदारी की। कार्यशाला में छात्राओं ने विषय विशेषज्ञ से सवाल भी पूछे जिनके डा. मोनिका ने जवाब दिए। आयुर्वेद से बढ़ाए इम्यूनिटी पावर :डा. मोनिका ने बताया कि कोविड के वर्तमान दौर में आयुर्वेद इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में कारगर साबित हुआ है। महिलाओं से जुड़ी सामान्य समस्याओं के समाधान में आयुर्वेदिक औषधियां सफल साबित होती है। आयुर्वेद में किसी अतिरिक्त सप्लीमेंट की बजाए घरों में मौजूद फल-सब्जियां व मसालों के जरिए ही विभिन्न समस्याओं से समाधान पाया जा सकता है। मिट्टी या लोहे के बर्तनों से बढ़ेंगे भोजन में पोषक तत्व : सहायक आयुर्वेदिक अधिकारी ने लाइफ स्टाइल डिसीज विषय पर बोलते हुए कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति में लोहे व मिट्टी के बर्तनों का जिक्र मिलता है। एल्युमीनियम के बर्तनों की बजाय लोहे या मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करने से भोजन में पोषक तत्व बढ़ते हैं। उन्हें खून की कमी या कमजोरी दूर करने के लिए मौसम अनुसार फल-सब्जियों का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही संतुलित आहार व नियमित योगाभ्यास से शरीर को निरोग बनाया जा सकता है। प्राणायाम आदि के माध्यम से एकाग्रता बढ़ती जोकि विद्यार्थी जीवन में अत्यंत आवश्यक है।

Edited By Jagran

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