सिम कार्ड स्वैपिग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से रहे सावधान : एसपी

पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम के दिशा निर्देश अनुसार विशेष जागरूकता पाठशाला का अभियान पुलिस की ओर से चलाया जा रहा है।

JagranPublish: Sun, 05 Dec 2021 05:48 PM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 05:48 PM (IST)
सिम कार्ड स्वैपिग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से रहे सावधान : एसपी

जागरण संवाददाता,झज्जर : सिम कार्ड स्वैपिग के जरिए होने वाले फर्जीवाड़ा से सजग करते हुए झज्जर पुलिस ने आमजन से सावधान रहने का आह्वान किया है। पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम के दिशा निर्देश अनुसार विशेष जागरूकता पाठशाला का अभियान पुलिस की ओर से चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान में लोगों को साइबर अपराध (ठगी) से बचाव के संबंध में सजग करने के साथ महत्वपूर्ण सुझाव (टिप्स) भी दिए जाते हैं। एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी ठगी करने की नीयत से अलग-अलग तरह के तरीके अपनाते हैं।

सिम कार्ड स्वैपिग फर्जीवाड़ा, यह एक प्रकार से व्यक्ति की पहचान की चोरी है। जहां साइबर अपराधी टेलीकाम सेवा प्रदाता के माध्यम से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर के लिए जारी किए पुराने सिम कार्ड की जगह नए सिम कार्ड को प्राप्त करते हैं। नए सिम कार्ड से साइबर अपराधी पीड़ित के बैंक खाते से वित्तीय लेनदेन के लिए आवश्यक ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी प्राप्त करते हैं। साइबर अपराधी किसी खुदरा विक्रेता से एक खाली सिम कार्ड प्राप्त कर लेता है (जो उसी गिरोह के सदस्य भी होते हैं। साइबर अपराधी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर पीड़ित को काल करते हैं तथा सिम को 4जी में बदलने के लिए कहते हैं अन्यथा सिम बंद होने की बात बताते हैं। सिम स्वैप करने के लिए वे एक सिम नंबर पीड़ित को देते हैं और उन्हें यह नंबर कस्टमर केयर अधिकारी को अग्रेषित (फारवर्ड) करने के लिए कहते हैं। पीड़ित उसे वास्तविक समझकर सिम नंबर दे देता है। इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के मोबाइल नंबर से पंजीकृत सभी बैंक खातों तक अपनी पहुंच बनाता है तथा पैसों की अवैध निकासी करता है।

सिम कार्ड स्वैपिग धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति किसी अनजान फोन काल पर कभी भी अपने खाते और सिम से संबंधित कोई भी जानकारी किसी से सांझा ना करें। सिम के पीछे वर्णित सिम संख्या बहुत महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी होती है। यदि मोबाइल नंबर कुछ घंटों के लिए निष्क्रिय व नेटवर्क क्षेत्र से बाहर हो जाए, तो तुरंत अपने मोबाइल आपरेटर से पूछताछ करें। बैंकिग लेनदेन के लिए नियमित एसएमएस के साथ ई-मेल अलर्ट भी रजिस्टर करें। इस तरह, सिम स्वैप होने के पश्चात बैंक से अवैध निकासी होने पर इसकी जानकारी ई-मेल के माध्यम से मिल सकती है, जिसे आप रोक सकते हैं। फर्जी व नकली वेबसाइटों से सतर्क रहें और किसी भी कारण से संदिग्ध होने पर अनजान काल/संदेश/ईमेल आदि का जवाब ना दें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें।

Edited By Jagran

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