सिरसा में फसल बेचने का झांसा देकर आढ़ती से युवक ने की 74 हजार रुपये की ठगी, आप रहें सावधान

आढ़ती से संदीप नामक युवक ने 74 हजार रुपये ठग लिये। आढ़ती को फसल बेचने की बात कहकर बीती 3 जनवरी से लेकर 17 जनवरी तक अलग अलग कर 74 हजार रुपये ले लिये। आरोपित ने खुद को गांव जोधपुरिया का रामकुमार सहारण बताया मगर जांच में गलत मिला

Manoj KumarPublish: Wed, 19 Jan 2022 04:22 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 04:22 PM (IST)
सिरसा में फसल बेचने का झांसा देकर आढ़ती से युवक ने की 74 हजार रुपये की ठगी, आप रहें सावधान

जागरण संवाददाता, सिरसा : सिरसा में अनाजमंडी के आढ़ती से संदीप नामक युवक ने 74 हजार रुपये ठग लिये। आढ़ती को फसल बेचने की बात कहकर बीती 3 जनवरी से लेकर 17 जनवरी तक अलग अलग कर 74 हजार रुपये ले लिये। आरोपित ने खुद को गांव जोधपुरिया का रामकुमार सहारण बताया और अपनी बेटी का एक्सीडेंट होने की बात कहकर रुपये ऐंठता रहा। परंतु बाद में जब आढ़ती ने गांव में पता करवाया तो जानकारी मिली की गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं है और न ही किसी की बेटी का एक्सीडेंट हुआ है। मामला समझने में आने के बाद आढ़ती ने शहर थाना में शिकायत दी।

पुलिस को दी शिकायत में अनाज मंडी की दुकान नंबर 87 लाज ट्रेडिंग कंपनी के संचालक मुकेश कुमार ने बताया कि बीती तीन जनवरी को आरोपित ने उसके मोबाइल पर काल कर बताया कि वह गांव जोधपुरिया निवासी रामकुमार सहारण है और आपकी फसल बेचकर गया हूं। उसने कहा कि उसका भतीजा वाल्मीकि चौक पर खड़ा है, उसका ट्रैक्टर खराब हो गया। उसे 2800 रुपये की जरूरत है। इस पर उसने मजबूरी समझते हुए अपने मुनीम रामचंद्र के हाथ 2800 रुपये वाल्मीकि चौक पर भेज दिये। इसके बाद चार जनवरी को आरोपित ने उसे दोबारा काल की और कहा कि उसकी बेटी का हुडा चौक पर एक्सीडेंट हो गया। उसे अस्पताल में दाखिल करवाना है, उसे 15 हजार रुपये चाहिए। जब उसने रुपये देने से इंकार किया तो वह बोला कि इंसानियत के नाते बेटी रुपये उधार मांग रहा है।

आरोपित की बातों में आकर उसने अपने मुनीम से छह हजार रुपये दे दिये। पांच जनवरी को आरोपित उसकी दुकान पर आया परंतु उसे कोई नहीं मिला। जिस पर उसने रामकुमार बन कर उसे फोन किया कि उसका भतीजा संदीप आपकी दुकान पर खड़ा है और उसे रुपयों की सख्त जरूरत है। डाक्टर ने उसकी बेटी का आप्रेशन बताया है। उसे दो लाख रुपये की जरूरत है। मैं जल्द ही माल बेचकर आपका रुपया चुकता कर दूंगा। आरोपित ने उससे कहा कि उसके घर में माल की ट्रालियां भरी हुई है, उसकी फोटो भी वाटसअप पर भेजी थी। वह माल बेचने आ रहा था परंतु एक्सीडेंट की वजह से माल नहीं ला पाया।

उसने अपनी बेटी के फोटो भी व्हाटसअप पर भेजे ओर कहा कि आप रुपये सिटी अस्पताल में पहुंचा दो। आढ़ती मुकेश कुमार ने उससे कहा कि वह अभी शहर से बाहर है तो आरोपित ने उसे कहा कि वह पेटीएम नंबर देता है उसमें रुपये डलवा दो। जब उसने अपने पास रुपये न होने की बात कही तो आरोपित ने दो चार दिन में रुपये देने को कहा। आढ़ती ने बताया कि वह उसकी बातों में आ गया, इसके बाद उसने पांच जनवरी को पेटीएम में पांच हजार, नौ जनवरी को 15 हजार, 10 जनवरी को पांच, 11 को नौ हजार, 12 को 15 हजार, 14 को सात हजार, 15 को दस हजार व 17 जनवरी केा आठ हजार रुपये उसके पेटीएम में डलवा दिये।

आढ़ती ने बताया कि इसके बाद जब उसने आरोपित से कहा कि आप माल भेज दो मंडी में अच्छे भाव चल रहे हैं तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद उसने 18 जनवरी को रामकुमार बनकर उसके पास फोन किया कि उसका भतीजा संदीप तुम्हारी दुकान पर माल लेकर आ रहा है। बाद में संदीप ने उससे कहा कि उसके चाचा ने अपनी बेटी को अस्पताल से छुट्टी दिलवानी है उसे एक बार 20 हजार रुपये दे दो। आढ़ती ने कहा कि मैं तुम्हारे चाचा को फोन करके पूछ लेता हूं तो आरोपित कहने लगा कि फोन करने की जरूरत नहीं है। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया। आढ़ती ने बताया कि बाद में जब उसने गांव जोधपुरिया में अपने परिचित से छानबीन की तो पता चला कि गांव में रामकुमार सहारण नाम का कोई व्यक्ति नहीं है और न ही उनके गांव में किसी लड़की का एक्सीडेंट हुआ है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक भूप सिंह कर रहे हैं।

Edited By Manoj Kumar

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