बेहद खतरनाक है यह प्रदूषण, जानलेवा हो सकता है Particle Pollution , जानें आपकी हेल्‍थ को कैसे पहुंचता है नुकसान

Pollution in Haryana हरियाणा में प्रदूषण से बुरा हाल है। इस बार कण प्रदूषण (Particle Pollution) के कारण यह बेहद खतरनाक हो गया है। कण प्रदूषण जानलेवा तक साबित हो सकता है। इससे व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य को गंभीर नुकसान पहुंचता है।

Sunil Kumar JhaPublish: Sat, 13 Nov 2021 03:34 PM (IST)Updated: Sat, 13 Nov 2021 03:34 PM (IST)
बेहद खतरनाक है यह प्रदूषण, जानलेवा हो सकता है  Particle Pollution , जानें आपकी हेल्‍थ को कैसे पहुंचता है नुकसान

हिसार/पानीपत, जेएनएन। Air Pollution in Haryana: हरियाणा में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्‍य के अधिकतर स्‍थानों पर पिछले 8-10 दिनों से एक्‍यूआइ 300 से लेकर 400 या उससे अधिक दर्ज अधिक दर्ज किया जा रहा है। हिसार और बहादुरगढ़ सहित कुछ स्‍थाानों यह 500 के करीब पहुंच गया है। इस बार पीएम यानि कण प्रदूषण (Particle Pollution) की मात्रा बेहद अधिक होने के कारण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरा बढ़ गया है। कण प्रदूषण इतना खतरनाक है कि आपके फैंफडों में चला जाए तो कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। 

पीएम को पार्टिकुलेट मैटर या कण प्रदूषण कहा जाता है, जो कि वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण है। हवा में मौजूद कण सूक्ष्‍म होते हैं और इन्‍हें नग्‍न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। इन कणों को केवल इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का उपयोग करके देखा जा सकता है। कण प्रदूषण में पीएम 2.5 और पीएम 10 शामिल हैं जो बहुत खतरनाक होते हैं। पीएम 2.5, 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से कम ही रहना चाहिए। पीएम 10 और 2.5 धूल, निर्माण की जगह पर धूल, कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है।

हिसार शहर में प्रदूषण का हाल। (जागरण) 

कण प्रदूषण का शरीर पर प्रभाव

जब इन कणों का स्तर वायु में बढ़ जाता है तो सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन आदि होने लगती हैं। पीएम 2.5 और पीएम 10 के कण सांस लेते समय आपके फेफड़ों में चले जाते हैं। इससे खांसी होने के साथ अस्थमा हो सकता है। अस्‍थमा के रोगियों को इसके कारण दौरे पड़ सकते हैं। Particle Pollution  के कारण उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक सहित  कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस कदर घातक है कि जानलेवा भी हो सकता है।  

मौसम के साथ वायु प्रदूषण का प्रभाव हुआ दोगुना

ठंड के मौसम में प्रदूषण के भारी कण ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं और वायु मंडल में ही मौजूद हैं। इसी कारण से स्माग जैसे हालात बन रहे हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम आमतौर पर 17 नवंंबर तक खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य में उत्तर पश्चिमी व पश्चिमी हवा हल्की से मध्यम गति चलने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट तथा अलसुबह व देर रात्रि हल्की धुंध भी संभावित है।

हिसार में इस माह वायुु प्रदूषण का हाल (एक्‍यूआइ में) 

         तिथि -                    प्रदूषण स्‍तर 

  • 1 नवंबर -                     254
  • 2 नवंबर -                     268
  • 3 नवंबर -                     251
  • 4 नवंबर -                     452
  • 5 नवंबर -                     405
  • 6 नवंबर-                      422
  • 7 नवंबर-                      428
  • 8 नवंबर-                      379
  • 9 नवंबर-                      372
  • 10 नवंबर-                    354
  • 11नवंबर-                     422
  • 12 नवंबर-                   486
  • 13 नवंबर-                  386

पानीपत में भी बढ़ रहा प्रदूषण

पानीपत में प्रदूषण कास्‍तर बढ़ रहा है। पीएम 2.5 अब तक 288 के स्‍तर पर पहुंच चुका है। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। जिस तरह का मौसम चल रहा है, उससे शाम तक ये स्‍तर और बढ़ सकता है। धूल के कणों के कारण यह ज्‍यादा खतरनाक हो गया है।  

पानीपत में प्रदूषण के कारण धुंध की स्थिति। (जागरण) 

पानीपत में इस माह अब तक प्रदूषण का स्‍तर (एक्‍यूआइ में)- 

      तिथि -           प्रदूषण स्‍तर 

  • 1 नवंबर -         277
  • 2 नवंबर-          150
  • 3 नवंबर-          428
  • 4 नवंबर-          477
  • 5 नवंबर-          413
  • 6 नवंबर-          337
  • 7 नवंबर-          405
  • 8 नवंबर-          398
  • 9 नवंबर-          386
  • 10 नवंबर-        425
  • 11 नवंबर-        396
  • 12 नवंबर-        390।

Edited By Sunil Kumar Jha

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