विद्यार्थियों का आनलाइन पढ़ाई से मिलेगी राहत, स्कूलों में लौटेगी रौनक, बच्चों में उत्साह

झज्जर में कुल 524 सरकारी स्कूल हैं जिनमें से 176 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। जो एक जनवरी से खुल जाएंगे। साथ ही प्राइवेट स्कूलों को भी दसवीं से बारहवीं कक्षा के लिए खोला जा रहा है। प्राइवेट स्कूल संचालक भी स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे।

Naveen DalalPublish: Fri, 28 Jan 2022 09:22 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 09:22 AM (IST)
विद्यार्थियों का आनलाइन पढ़ाई से मिलेगी राहत, स्कूलों में लौटेगी रौनक, बच्चों में उत्साह

झज्जर, जागरण संवाददाता। विद्यार्थियों को आनलाइन पढ़ाई से राहत मिलेगी। फिर से अपने सहपाठियों के साथ बैठकर पढ़ाई करते नजर आएंगे। कोरोना महामारी के कारण बंद स्कूलों को सरकार ने एक फरवरी से खोलने का निर्णय लिया है। जिसके बाद कक्षा दसवीं से बारहवीं के विद्यार्थी स्कूलों में जाकर आफलाइन पढ़ाई कर पाएंगे। हालांकि विद्यार्थियों को वैक्सीनेशन व कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा। स्कूल खुलने का विद्यार्थियों को इंतजार था। खासकर उन विद्यार्थियों को जिनके पास आनलाइन पढ़ाई के लिए उचित साधन नहीं है। क्योंकि ग्रामीण एरिया में बेहतर इंटरनेट सुविधा व एंड्रायड मोबाइल फोन प्रत्येक विद्यार्थियों के पास नहीं हैं। जिस कारण आनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। जो अब दसवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं और विद्यार्थी स्कूल में आफलाइन पढ़ाई करेंगे।

एक फरवरी से स्कूल खुलने को लेकर बच्चों में उत्साह, फिर कर पाएंगे आफलाइन पढ़ाई

जिले की बात करें तो कुल 524 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 176 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। जो एक जनवरी से खुल जाएंगे। साथ ही प्राइवेट स्कूलों को भी दसवीं से बारहवीं कक्षा के लिए खोला जा रहा है। प्राइवेट स्कूल संचालक भी स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। क्योंकि स्कूल बंद होने के कारण प्राइवेट स्कूल संचालकों को भी दिक्कत हो रही है। अब दसवीं से बारहवीं तक के स्कूल खुलने के बाद अन्य कक्षाओं के लिए भी स्कूल में आफलाइन पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद जगी है। कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने स्कूल बंद किया था। जिले की बात करें तो अब कोरोना संक्रमितों में कुछ कमी आई है। लेकिन जिला कोरोना मुक्त नहीं हो पाया है। इसलिए सावधानी बरतनी आवश्यक है।

कोरोना महामारी को देखते हुए परीक्षाओं के शेड्यूल भी बदले गए

सामान्यत: दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च माह के आसपास ही होती रही हैं। फिलहाल कोरोना महामारी को देखते हुए परीक्षाओं के शेड्यूल भी बदले गए और सुविधा अनुसार कोरोना का खतरा कम होने पर परीक्षाओं का आयोजन हुआ। ऐसे में वर्तमान शैक्षणिक वर्ष की समाप्ति नजदीक आने के कारण भी स्कूल खोलने पर विद्यार्थी खुश हैं। ताकि वे बोर्ड परीक्षाओं की अच्छे से तैयारी कर पाएं। इस शैक्षणिक वर्ष में काफी कम दिन ही स्कूल खुले रहे हैं। जिले में पहले कोरोना के कारण स्कूल बंद थे और बाद में खुले तो बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिला एनसीआर में आने के कारण स्कूल बंद कर दिए। अब फिर से कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हैं। अब स्कूल खुलने से पढ़ाई सुचारू होने की उम्मीद जगी है। स्कूल खुलने के बाद उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा जिन्होंने वैक्सीन की डोज लगवाई है। साथ ही आनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी, ताकि विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुसार आनलाइन पढ़ाई कर पाएं। स्कूल आने के लिए विद्यार्थी को अपने माता-पिता की लिखित सहमति भी लानी होगी।

Edited By Naveen Dalal

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