Parali Problem: एक तरफ पराली समाधान में जुटे किसान तो दूसरी आगजनी के मामले बढ़े, प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट

सिरसा में पराली प्रबंधन के लिए किसानों से बार बार अपील करने के बाद भी पराली जलाने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। जिसके प्रशासनिक अमले ने फील्ड में उतारकर निगरानी शुरू कर दी है। आग लगने के सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच रहे है।

Naveen DalalPublish: Sun, 21 Nov 2021 08:57 PM (IST)Updated: Sun, 21 Nov 2021 08:57 PM (IST)
Parali Problem: एक तरफ पराली समाधान में जुटे किसान तो दूसरी आगजनी के मामले बढ़े, प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट

सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा में पराली जलाने के मामलों में कमी लाने के लिए प्रशासन सीजन के शुरू से ही हरकत में आया हुआ है, लेकिन आग के मामलों में कमी नहीं आ रही है। जिले में पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं इसीलिए प्रशासनिक अमले ने फील्ड में उतरकर निगरानी शुरू कर दी है। सेटेलाइट से तो निगरानी की ही जा रही है साथ ही अब अधिकारी व कर्मचारी जहां भी आग दिखाई दे रही है वहीं फायर ब्रिगेड से बुझवा रहे हैं और साथ ही किसान के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

वहीं जिले में वे किसान भी हैं जो पराली प्रबंधन में जुटे हैं। फरवाईं, पनिहारी, डिंग, जोधकां सहित अनेक गांवों में किसान पराली को उठा रहे हैं और गांठे बनाने में लगे हुए हैं। इस ही मामले के दो नजरिये सामने आए हैं। पंजाब से भी पराली एकत्रित करने के लिए मशीनें आई हैं जो किसानों के खेतों में जाकर पराली एकत्रित कर रहे हैं।

जलाए नहीं पराली का उपयोग करें, किसानों ने पराली एकत्रित करने के लिए लगाई मशीनें

एसडीओ सुखदेव सिंह ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कम पराली जलाई गई है। किसान पराली प्रबंधन में जुटे हैं। मशीनों से गांठे बनाई जा रही हैं। इन गांठों को किसान खेत के बाहर रख रहे हैं ताकि बाद में किसी को दिया या बेचा जा सके । इस बार किसान जागरूक है फिर भी कुछ किसान पूरे अभियान को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

हवा तो जहरीली हो ही रही है साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति को भी नुकसान हो रहा है। मित्र कीट व सूक्ष्म जीव नष्ट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान पराली को आग न लगाएं। उधर डिंग क्षेत्र के किसान रवि व रामचंद्र ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार ही पराली को नहीं जला रहे हैं और उनकी गांठे बनवाई हैं।

Edited By Naveen Dalal

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