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जीजेयू ने बंद किया गर्ल्स हॉस्टल का कॉम्‍पलेक्‍स की साइड वाला बैक गेट, छात्राओं ने भेजी शिकायत

जीजेयू के मुख्य एंट्री वाले रास्ते पर कैंटीन के सामने गर्ल्स हॉस्टल का पिछला गेट है। यहां से ज्यादातर छात्राएं बाहर आती-जाती है। क्योंकि ये रास्ता नजदीक है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशाासन को शिकायत मिली कि गेट के सामने शरारती तत्व खड़े रहते हैं। ऐेसे में गेट को बंद कर दिया।

Manoj KumarTue, 13 Apr 2021 09:06 AM (IST)
जीजेयू ने बंद किया गर्ल्स हॉस्टल का कॉम्‍पलेक्‍स की साइड वाला बैक गेट, छात्राओं ने भेजी शिकायत

हिसार, जेएनएन। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गर्ल्स हॉस्टल का पिछला गेट बंद कर दिया है। यूनिवर्सिटी के मुख्य मार्ग से अटैच गेट बंद होने से छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को शिकायत भेजकर समाधान की मांग की है।

जीजेयू के मुख्य एंट्री वाले रास्ते पर कैंटीन के सामने गर्ल्स हॉस्टल का पिछला गेट है। यहां से ज्यादातर छात्राएं बाहर आती-जाती है। क्योंकि ये रास्ता नजदीक है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशाासन को शिकायत मिली कि गेट के सामने कैंटीन पर शरारती तत्व और युवक खड़े रहते हैं। ऐेसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल के इस गेट को बंद कर दिया। अब छात्राओं को आने-जाने के लिए मुख्य गेट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

ऐेसे में छात्राओं ने कहा कि इससे रास्ता लंबा पड़ता है और समय की बर्बादी होती है। छात्राओं ने मांग की कि इस गेट को खुलवाया जाए। जहां तक आवारा युवक खड़े रहने का सवाल है तो छात्राओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन सुरक्षा का इंतजाम करे और मनचले युवकों पर कार्रवाई करे। छात्राओं की समस्या के समाधान की मांग की।

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हॉस्टल में बंदरों से भी बढ़ी परेशानी, कई बार हो चुके हमले

हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि हाॅस्टल में बंदरों के कारण भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बंद हॉस्टल में घुस जाते हैं और छात्राओं पर हमला कर देते हैं। छात्राओं ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि कई बार बंदरों के हमले में छात्राएं घायल हो चुकी है। लेेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। छात्राओं ने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान बंद कई बार हॉस्टल में घुस चुके हैं जिससे 10 से ज्यादा घायल भी हो चुकी है। लेकिन अभी भी यूनिवर्सिटी इस समस्या का समाधान नहीं कर पाई है।

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