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पिता ने परिवार को मौत की नींद सुलाने के लिए, 300 रुपये उधार लेकर खरीदी थी कोल्ड ड्रिंक व सल्फास

दीपक ने अपनी पहचान वाले एक दुकानदार से 300 रुपये उधार लिए थे। इन्हीं पैसों से कोल्ड ड्रिंक व सल्फास का पाउडर खरीदा गया। जिसके बाद वह तलाव रोड से कुछ दूरी पर खेतों में जाकर बैठ गया। वहां कोल्ड ड्रिंक में सल्फास का पाउडर मिलाकर चारों ने पिया।

Manoj KumarWed, 28 Jul 2021 01:17 PM (IST)
पिता ने परिवार को मौत की नींद सुलाने के लिए, 300 रुपये उधार लेकर खरीदी थी कोल्ड ड्रिंक व सल्फास

जागरण संवाददाता, झज्जर : गांव तलाव निवासी दीपक ने सोमवार को अपनी पहचान वाले एक दुकानदार से 300 रुपये उधार लिए थे। इन्हीं, पैसों से कोल्ड ड्रिंक व सल्फास का पाउडर खरीदा गया। जिसके बाद वह तलाव रोड स्थित रेलवे अंडर पास से कुछ दूरी पर खेतों में जाकर बैठ गया। वहां कोल्ड ड्रिंक में सल्फास का पाउडर मिलाकर चारों ने पिया। जिसके बाद चारों एक ही मोटरसाइकिल पर घर की ओर आए। घटनास्थल से दीपक का घर करीब अढ़ाई से तीन किलोमीटर की दूरी है। घर पहुंचने तक ही दीपक की तबीयत बिगड़ने लगी थी। परिवार के हाथ में चाबी देते हुए दीपक ने बताया था कि उन्होंने जहर पी लिया है। जिसके बाद स्वजन चारों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में लेकर आए। उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पुलिस की टीम को रेलवे अंडर पास के नजदीक से कोल्ड ड्रिंक की बोतल, सल्फास पाउडर के पाउच व अन्य सामान मिला है। मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर दीपक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

इधर, घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण व परिचित पहुंचने लगे थे। मंगलवार को सुबह से ही चारों (दीपक, उसकी पत्नी निशा, बेटी बेबी व बेटा अनुज) के शवों का इंतजार था। कागजी कार्रवाई व पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया में हुई देरी की वजह से काफी समय लगा। चारों के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक दीपक के चाचा राजू ने मुखाग्नि दी। बरसात के बावजूद भी अंतिम संस्कार में गांव के काफी ग्रामीण शामिल हुए।

अपने सहपाठियों से बिछुड़ने के गम में मासूमों की आंखों से छलके आंसू

दीपक के दोनों बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। मंगलवार को जब स्कूल में बच्चें पहुंचे तो उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता चला। क्योंकि, बहुत से बच्चे बेबी तथा अनुज के सहपाठी एवं मित्र भी थे। जो कि काफी दु:खी दिखाई दिए। मायूस व बिलखते बच्चों को अध्यापकों ने संभाला और दिलासा दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल रूपेंद्र ने बताया कि स्कूल स्टाफ ने भी दोनों बच्चों की मौत पर दो मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अन्य विद्यार्थियों के उतरे हुए चेहरों को देखकर छुट्टी कर दी गई। बेबी का अपनी कक्षा में काफी अच्छा प्रदर्शन था।

पिता के साथ स्कूल से बाइक पर रहा बच्चों का अंतिम सफर

बेटी बेबी गांव के राजकीय स्कूल की आठवीं कक्षा और अनुज सातवीं कक्षा में पढ़ता था। दीपक, सामान्यत: अपने बच्चों को स्कूल लेने कभी नहीं जाता था। यहां तक कि बच्चों को लेकर स्कूल में आना-जाना भी काफी कम रहता था। बच्चे खुद ही गांव के स्कूल से घर तक आते-जाते थे। सोमवार को दीपक मोटरसाइकिल पर बच्चों को लेने के लिए गया था। छुट्टी के बाद जब सभी बच्चें स्कूल से निकले तो उनमें अनुज व बेबी भी शामिल थे। जिन्हें बीच रास्ते में ही पिता लेकर आ गए। पिता को स्कूल के बाहर देख बच्चे भी काफी खुश थे। लेकिन, उन्हें क्या पता था कि यह पिता के साथ अंतिम सफर होगा।

10 गुना 12 फीट के कमरे में रह रहा था परिवार

मृतक दीपक आर्थिक तंगी का भी सामना कर रहा था। वह अपने परिवार के चारों सदस्यों के साथ चौबारे (छत पर बने कमरे) में रहता था। चौबारे का साइज भी करीब 10 फीट गुना 12 फीट का ही होगा। इससे उसकी आर्थिक स्थिति का भी अनुमान लगाया जा सकता है। साथ ही घर में आपसी विवाद भी चल रहा था।

उपायुक्त एवं पुलिस कप्तान ने किया मौका मुआयना, स्वजनों से की मुलाकात

: ह्दय विदारक घटना संज्ञान में आने के बाद मंगलवार को दिन के समय उपायुक्त श्याम लाल पूनिया एवं पुलिस कप्तान राजेश दुग्गल ने रेलवे फाटक के पास वाले खेतों सहित गांव का दौरा करते हुए पूछताछ की हैं। उच्चाधिकारियों ने अपने स्तर पर घटनास्थल का जायजा लेते हुए सबूत भी जुटाएं हैं। जहां पर उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिया था। बाद में उन्होंने दीपक के घर में जाकर उसकी मां से भी बातचीत की है। वे उस कमरे में भी गए।जहां पर दीपक रहता था। जिसमें सामने आया कि पति दीपक व पत्नी निशा में अक्सर झगड़ा रहता था। रविवार को भी दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई थी। जिसका असर सोमवार को भी देखने को मिला।

घर की बजाय सीधा शमशान घाट लाए गए मृतकों के शव

मंगलवार को गांव तलाव की संकरी गलियों में, हुक्के की गुडग़ुड़ाहट के बीच, हर चौक-चौराहे पर केवल एक ही जिक्र रहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां पैदा हो गई थी। जो कि दीपक को अपने परिवार के साथ इतना कठोर कदम उठाना पड़ा। सोमवार को घटना संज्ञान में आने के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी के मुंह से यह शब्द निकल रहे थे, अगर प्रयास करते हुए अनहोनी को टाला जा सकता था। इधर, गांव के अधिकांश ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने में जुटे थे। शाम के समय में चारों के शव एक टैंपों में पीजीआई रोहतक से लाए गए। जिन्हें घर ले जाने की बजाय सीधा शमशान घाट में ले जाया गया।

पूरे गांव में छाया मातमी माहौल, किसी भी घर में नहीं जला चूल्हा : अंतिम संस्कार के मौके पर पूरे गांव की आंखें नम थी। गांव में मातमी माहौल छाया हुआ है। ठीक ढंग से किसी भी घर में पिछले दो दिन से चूल्हा नहीं जला। क्योंकि, गांव में दो दिन से जो वारदात सामने आई है, के बाद ग्रामीण काफी चिंतित है। लेकिन, दीपक के व्यवहार को लेकर सभी हैरान है, कहना है कि वह किसी भी स्तर पर कमजोर प्रतीत नहीं होता था। करीब 20 साल पहले पिता की मौत हो जाने के बाद पूरा परिवार हिम्मत करते हुए यहां तक पहुंचा था। लिए गए एक कठोर फैसले पूरे परिवार की नींव को हिला कर रख दिया।

मृतका के मायके वालों की शिकायत पर दीपक के खिलाफ हुआ मामला दर्ज : दरअसल, यहां पर आर्थिक तंगी के बाद जन्म लेने वाली घरेलू कलह एक हंसते-खेलते परिवार को लील गईं। कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पीने वाली घटना में एक-एक कर चारों की पीजीआई में सोमवार रात तक मौत हो गई थी। जिसके बाद डीएसपी राहुल देव ने वहां पहुंचकर प्रक्रिया को पूरा करवाया और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच की। इधर, मृतका के मायके पक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी हैं। जिसमें आरोप लगाया गया कि दीपक ने अपनी पत्नी और बच्चों को जहर पिलाकर जान से मारा है।

प्रतिक्रिया : दीपक के खिलाफ दी गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए जांच की जा रही हैं। परिवार में पिछले कुछ समय से अनबन का माहौल बना हुआ था। परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात करते हुए पूछताछ की हैं। होने वाली जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि किन परिस्थितियों में क्या हुआ।

राजेश दुग्गल, पुलिस कप्तान, झज्जर

 

Edited By: Manoj Kumar

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