मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण करवाने की तिथि बढ़ाई, किसानों को मिली राहत

फतेहाबाद में 184000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं व 23500 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई की जाती है। रबी सीजन के दौरान जिला में 15 लाख थैले यूरिया खाद की जरूरत होती है लेकिन रबी सीजन के दौरान 12.50 लाख थैले यूरिया खाद की आपूर्ति की जा चुकी है।

Naveen DalalPublish: Tue, 28 Dec 2021 06:36 PM (IST)Updated: Tue, 28 Dec 2021 06:36 PM (IST)
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण करवाने की तिथि बढ़ाई, किसानों को मिली राहत

फतेहाबाद, जागरण संवाददाता। किसान अपने गांवों में स्थित अटल सेवा केंद्रो पर जाकर 31 जनवरी 2022 तक अपनी फसलों का पंजीकरण अवश्य करवा लें। इससे पहले 31 दिसंबर का समय था। किसान स्वयं भी अपनी फसलों का पंजीकरण साइट पर जाकर कर सकते हैं। फसलों के पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। पोर्टल पर पहले पंजीकरण करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई थी। किसानों के हित में सरकार ने अब पंजीकरण करवाने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2022 निर्धारित की है।

1 लाख 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल

जिला फतेहाबाद में 184000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं व 23500 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई की जाती है। रबी सीजन के दौरान जिला में 15 लाख थैले यूरिया खाद की जरूरत होती है जबकि अब तक जिला फतेहाबाद में इस रबी सीजन के दौरान 12.50 लाख थैले यूरिया खाद की आपूर्ति की जा चुकी है। जिसमें से 34500 थैले अभी स्टाक में उपलब्ध हैं। इसी सप्ताह इफको का एक रैक भी लगने वाला है जिससे लगभग 52000 थैले यूरिया खाद की आपूर्ति होगी। इसके अतिरिक्त हिसार व सिरसा जिलों में लगने वाले अन्य कंपनियों के रैक में से भी जिला फतेहाबाद को खाद की सप्लाई की जा रही है। गत दिवस जिला सिरसा से इफको यूरिया खाद के लगभग 6000 थैले जिला फतेहाबाद में सप्लाई हुए है।

नैनो यूरिया का प्रयोग भी करे किसान

किसान गेहूं की फसल में यूरिया खाद तीन बार में डालता है जो कि जनवरी के अंत तक डलती है। किसान गेहूं की फसल में दानेदार यूरिया की बजाय इफको द्वारा सप्लाई की जा रही नैनो यूरिया (तरल) का इस्तेमाल कर सकते हैं। नैनो यूरिया खाद का एक बार में केवल 500 मिली प्रति एकड़ 125 लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव किया जाता है। इसकी दक्षता साधारण यूरिया की तुलना में अधिक है। साधारण यूरिया की दक्षता 30 प्रतिशत है जबकि नैनो यूरिया (तरल) की दक्षता 85 प्रतिशत है। यह पौधे के अंदर जाकर उसकी कोशिकाओं में जमा हो जाता है व धीरे-धीरे पौधे की जरूरत मुताबिक आपूर्ति होती रहती है। नैनो यूरिया (तरल), साधारण यूरिया की बजाए सस्ती है एवं वर्तमान में जिला फतेहाबाद में नैनो यूरिया की 30000 यूनिट उपलब्ध है।

पंजीकरण के हिसाब से मिलती है खाद

किसान अपनी फसलों का पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर फसल का पंजीकरण होने से सरकारी खरीद केंद्रोंं पर फसल उत्पाद की बिक्री आदि करने में सहुलियत मिलती है। कृषि से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपने कृषि उत्पादों को अपने आस-पास की मंडियों में बेचने के लिए रबी फसलों (गेहूं, सरसों, चना, जौ, सूरजमूखी एवं फल-फूल व सब्जियों इत्यादि) के पंजीकरण हेतु किसान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

किसान गेहूं की फसल में दानेदार यूरिया की बजाय नैनो यूरिया (तरल) का करें इस्तेमाल

किसान अधिक जानकारी के लिए किसान सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से सायं 6 बजे तक टोल फ्री नंबर 1800 180 2117, 1800 180 2060 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा कार्यालय के दूरभाष नंबर 0172 2571553, 2571544, 2563242 पर भी संपर्क कर सकते हैं। किसान अब अगले महीने 31 जनवरी तक अप्लाई कर सकते है।

----डा. भीम सिंह, एसडीओ कृषि विभाग फतेहाबाद।

Edited By Naveen Dalal

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