उपलब्धि: कंपोस्टिग प्लांट से होगा कूड़े का निस्तारण, खाद को बेचकर आमदनी करेगा नगर निगम

जागरण संवाददाता हिसार शहरी क्षेत्र से एकत्र होने वाले कूड़े का निस्तारण बड़ी समस्या बनता

JagranPublish: Mon, 15 Mar 2021 05:50 AM (IST)Updated: Mon, 15 Mar 2021 05:50 AM (IST)
उपलब्धि: कंपोस्टिग प्लांट से होगा कूड़े का निस्तारण, खाद को बेचकर आमदनी करेगा नगर निगम

जागरण संवाददाता, हिसार: शहरी क्षेत्र से एकत्र होने वाले कूड़े का निस्तारण बड़ी समस्या बनता जा रहा है और कूड़ा डंपिग प्वाइंट पर कूड़े का ढेर बढ़ता जा रहा है। अब इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम अधिकारियों ने मंथन करना शुरू कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने फैसला किया है कि जिला में 7 नए कंपोस्टिग प्लांट स्थापित किए जाएं। इससे दो मुख्य लाभ होंगे। कूड़े का ढेर नहीं बढ़ेगा और निस्तारण के साथ-साथ अच्छी क्वालिटी की खाद भी तैयार होगी। खाद को बाजार में बेचकर निगम कमाई भी करेगा। कंपोस्टिग प्लांट स्थापित करने वाला हिसार प्रदेश भर में संभवतया पहला जिला होगा।

पूरे शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा करने का काम नगर निगम के पास है। कूड़ा एकत्र करने के बाद उसे डंप करके कूड़ा प्लांट में भेजा जाता है। लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा। ऐसे में निगम प्रशासन ने मंथन किया कि इस कूड़े का निस्तारण कैसे किया जाए। अधिकारियों ने चर्चा और मंथन के बाद नया प्लान बनाया। फैसला लिया गया है कि कूड़े के निस्तारण के लिए कंपोस्टिग प्लांट स्थापित किए जाएं। शुरुआती दौर में 7 कूड़ा कंपोस्टिग प्लांट बना दिए गए हैं। गड्ढे खोदकर यहां कूड़े को डाला जाएगा। निर्धारित समय अवधि के बाद खाद तैयार होगी। इससे लाभ ये होगा कि कूड़ा एकत्र नहीं होगा और उसका निस्तारण भी होगा। इतना ही नहीं गीले और सूखे कूड़े को भी अलग-अलग किया जा सकेगा। निगम कर्मचारी घर से ही गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग करेंगे और कंपोस्टिग प्लांट पहुंचा देंगे।

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लैब जांच में खुलासा: बाजार की सामान्य खाद से बेहतर है क्वालिटी, खाद बेचकर निगम करेगा कमाई

ट्रायल के तौर पर नगर निगम ने कंपोस्टिग प्लांट से कचरे से खाद तैयार की। इस खाद को हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच की रिपोर्ट चौंकाने वाली मिली। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निगम ने कंपोस्टिग प्लांट से जो खाद तैयार की है उसकी क्वालिटी बाजार में मिलने वाली खाद से भी बेहतर है। इसलिए निगम प्रशासन ने फैसला किया है कि कंपोस्टिग प्लांट से तैयार हुई अच्छी क्वालिटी की खाद को बाजार में बेचेंगे। इसका रेट भी निर्धारित कर दिया गया है। 10 रुपये किलो के हिसाब से खाद को बेचा जाएगा। इससे निगम को अतिरिक्त कमाई भी होगी।

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लोगों से अपील: अलग-अलग करें कूड़े का एकत्रीकरण

नगर निगम अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि घर में ही दो डस्टबिन की व्यवस्था करें। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखें। नगर निगम की गाड़ी भी गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग ही उठाएगी। सूखे कचरे का अलग तरह से प्रयोग होगा जबकि गीले कूड़े को कंपोस्टिग प्लांट पर पहुंचाकर खाद बनाने के काम में लिया जाएगा।

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गो अभयारण्य में भी गोबर से तैयार होगी खाद

गो अभयारण्य में भी गोबर से खाद तैयार की जाएगी। इसके लिए गो अभयारण्य कैंपस में ही गड्ढे खोद दिए गए हैं। एकत्र होने वाले गोबर को गड्ढों में रखा जाएगा और तैयार होने वाली खाद को पशुओं के लिए चारे की खेती में प्रयोग किया जाएगा। इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ेगी और गोबर का भी निस्तारण हो पाएगा।

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कंपोस्टिग प्लांट से तैयार करेंगे खाद, कमाई भी होगी: अशोक गर्ग

देखिए, कचरा निस्तारण के लिए नया प्लान बनाया है। हमने जिला में 7 नए कंपोस्टिग प्लांट बनाने का फैसला किया है। कंपोस्टिग प्लांट बनाने वाला हिसार संभवतया प्रदेश का पहला जिला है। यहां से तैयार होने वाली खाद को 10 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाएगा, जिससे निगम की आमदनी भी होगी। साथ ही गीला और सूखा कचरा भी अलग-अलग करने की आदत बनेगी। आमजन भी गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करके दें तो काम और आसान हो जाएगा।

- अशोक गर्ग, नगर आयुक्त, नगर निगम, हिसार।

Edited By Jagran

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