वाटिका कुंज में हुई भागवत कथा

भागवत कथा वाचक हेमंत शर्मा बृजवासी ने कहा कि सत्संग में जाने से ही मनुष्य को सच्चे गुरु की पहचान होती है। जीव परमात्मा को संसार में ढूंढता फिरता है।

JagranPublish: Thu, 27 Jan 2022 06:03 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 06:03 PM (IST)
वाटिका कुंज में हुई भागवत कथा

संवाद सहयोगी, बादशाहपुर: भागवत कथा वाचक हेमंत शर्मा बृजवासी ने कहा कि सत्संग में जाने से ही मनुष्य को सच्चे गुरु की पहचान होती है। जीव परमात्मा को संसार में ढूंढता फिरता है। भगवान तो आत्मा में विराजमान हैं। मनुष्य संसार में भगवान को खोजने के लिए भटक रहा है। श्रीधाम बरसाना वृंदावन से आए हेमंत शर्मा बृजवासी वाटिका कुंज में भागवत कथा कर रहे हैं। भागवत से पहले पूरी कालोनी में कलश शोभायात्रा निकाली गई। भागवत में यजमान जेके चौहान और उनका परिवार रहा। भागवत में नया गांव के सरपंच सुरज्ञान खटाना, वाटिका कुंज आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पारस खटाना, उपाध्यक्ष गजेंद्र चौहान, जेके चौहान, सुमन झा, नरेश पांडे, मनोज डागर, डीके मिश्रा, प्रभात शाह, विनोद पटियाल का सहयोग रहा।

गांव तिड़पड़ी में इस बार नहीं लगेगा मेला

संवाद सहयोगी, फरुखनगर: प्रत्येक वर्ष की तरह मौनी अमावस्या (एक फरवरी) पर गांव तिरपड़ी में लगने वाले मेले तथा दंगल का आयोजन इस बार नहीं होगा। गांव के निवर्तमान सरपंच राकेश ठेकेदार, उमेश, जयबीर, सतपाल, हुक्कम सिंह, नरेश, अतर सिंह यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अंतर्गत कोई भी मेला नहीं लग सकता। बता दें कि तिरपड़ी गांव में आसपास के जिलों से दंगल में दूसरे जिला तथा अन्य प्रदेश से भी पहलवान आते रहे हैं। कुश्ती दंगल देखने के लिए काफी संख्या में क्षेत्र के पहुंचते थे।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept