इस्कान मंदिर में धूमधाम से मनाया राधा-कृष्ण पुष्प अभिषेक उत्सव

इस्कान मंदिर में राधा-कृष्ण पुष्प अभिषेक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। राधा माधव को विभिन्न प्रकार के पुष्पों की पंखुड़ियों से बने वस्त्र पहनाए गए।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 07:40 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 07:44 PM (IST)
इस्कान मंदिर में धूमधाम से मनाया राधा-कृष्ण पुष्प अभिषेक उत्सव

संवाद सहयोगी, बादशाहपुर: इस्कान मंदिर में राधा-कृष्ण पुष्प अभिषेक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। राधा माधव को विभिन्न प्रकार के पुष्पों की पंखुड़ियों से बने वस्त्र पहनाए गए। मंदिर में भक्तों ने संकीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने भी भगवान का पूरी आस्था के साथ अभिषेक किया। मंदिर परिसर हरे कृष्णा हरे कृष्णा के भजनों से गूंज उठा।

पुष्प अभिषेक उत्सव त्योहार वैदिक कैलेंडर के पौष महीने की पूर्णिमा पर पड़ता है। इसे अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष का पहला प्रमुख त्योहार माना जाता है। पुष्प अभिषेक उत्सव के दौरान कोविड-19 संक्रमण के फैलाव की रोकथाम के मद्देनजर कम संख्या में श्रद्धालुओं को बुलाया गया। इस दौरान सभी कोविड दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया गया और सभी ने मास्क पहने।

राधा कृष्ण को फूलों की पंखुड़ियों से बना एक बहुत ही सुंदर फूलों का वस्त्र पहनाया गया। शाम को गर्म घी से अभिषेक के बाद अलग-अलग रंगों के सात अलग-अलग फूलों की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा की गई। मंदिर के अध्यक्ष रामभद्र दास ने भक्तों के साथ संकीर्तन किया। संकीर्तन में पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। भक्तों ने आनंदित होकर संकीर्तन में जमकर नृत्य किया।

रामभद्र दास ने कहा कि वैदिक संस्कृति में सभी त्योहार भगवान की भक्ति का वर्णन करने और हमें उनकी सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए हैं। भगवान आध्यात्मिक होने के कारण उनकी सेवा भी आध्यात्मिक है। भगवान के भक्ति में ही हम सच्चे सुख का अनुभव करते हैं। यह पदार्थ से नहीं हो सकता। हर व्यक्ति सुख की तलाश में है। पैसा कमाने के बाद भी सुख और आनंद की अनुभूति के लिए भगवान की शरण में जाना पड़ता है।

Edited By Jagran

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