बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लीचेट बना आफत

गुरुग्राम-फरीदाबाद के कचरे के लिए बंधवाड़ी में बनी लैंडफिल साइट पर कूड़े से रिसने वाला लीचेट आफत बन गया है।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 08:49 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 08:49 PM (IST)
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लीचेट बना आफत

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: गुरुग्राम-फरीदाबाद के कचरे के लिए बंधवाड़ी में बनी लैंडफिल साइट पर कूड़े से रिसने वाला लीचेट आफत बन गया है। कूड़े से रिसकर लीचेट वन क्षेत्र में पहुंचकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। इसको लेकर कई पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं ने भी आपत्ति जताते हुए नगर निगम सहित उच्चाधिकारियों को भी शिकायत भेजी है। उधर, कचरा प्रबंधन करने वाली कंपनी इको ग्रीन एनर्जी के प्रतिनिधि का दावा है कि इको ग्रीन की ओर से लीचेट का सही तरीके से निपटान किया जा रहा है। लेकिन बंधवाड़ी लैंडफिल पर एक अन्य निजी एजेंसी भी बायोरेमेडिएशन तकनीक से दो लाख टन कूड़े का निपटान कर रही है। उसी तरफ लीचेट बह रहा है और एजेंसी को ही लीचेट का प्रबंधन करना है। टेंडर की शर्ताें में भी यह स्पष्ट रूप से कहा गया है।

क्या होता है लीचेट

गीले कूड़े से एक तरल जहरीला पदार्थ निकलता है, जिसे लीचेट कहते हैं। यह जमीन में रिसकर भूजल को भी जहरीला और दूषित बना देता है। लीचेट को शोधित करने का इंतजाम और इसका निपटान करना जरूरी होता है।

दो लाख टन का होना है बायोरेमेडिएशन

बंधवाड़ी में कचरे से बिजली बनाने का संयंत्र यानी वेस्ट टू एलर्जी प्लांट लगाने के लिए दस एकड़ जमीन खाली करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने एक निजी एजेंसी पाथ्या को सितंबर-अक्टूबर में काम सौंपा था। एजेंसी द्वारा दो लाख टन पुराने कूड़े का बायोरेमेडिएशन तकनीक द्वारा निपटान किया जाना है। इसमें से फिलहाल एक लाख टन से भी कम कूड़े का निपटान हुआ है। बायोरेमेडिएशन यानी जैविक उपचार में सूक्ष्म जीवों की मदद से कूड़े का निस्तारण किया जाता है।

बारिश में टूट गई थी दीवार

गुरुग्राम-फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन करने वाली कंपनी इको ग्रीन एनर्जी के प्रतिनिधि संजीव शर्मा के मुताबिक नगर निगम द्वारा लैंडफिल साइट पर बनाई गई चारदीवारी पिछले सप्ताह बारिश की वजह से टूट गई थी, जिसके कारण बारिश का पानी और लीचेट जमा हो गया था। मौसम खराब होने की वजह से दीवार बनाने में कुछ देरी हुई, लेकिन निगम का इस कार्य में सहयोग किया जा रहा है और जमा हुए पानी को निकाल दिया गया है। लेकिन और एक एजेंसी पुराने कूड़े का निपटान कर रही है और लीचेट प्रबंधन करना उसकी भी जिम्मेदारी है।

-बंधवाड़ी में लीचेट की समस्या को दूर करने के आदेश दिए गए हैं। बायोरेमेडिएशन तकनीक से भी पुराने कूड़े का निपटान किया जा रहा है।

सुंदर श्योराण, एक्सईएन नगर निगम गुरुग्राम।

-बायोरेमेडिएशन के जरिए बंधवाड़ी में पुराने कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। आने वाले समय में बंधवाड़ी में लीचेट की समस्या भी पूरी तरह से खत्म कर दी जाएगी।

शीशपाल राणा, डायरेक्टर, पाथ्या एजेंसी

Edited By Jagran

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