नेताजी की जयंती पर हवन किया

गांव नौरंगपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हवन कराया गया। इसके साथ ही गांव के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों बलिदानियों के स्वजन को सम्मानित किया

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 03:57 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 05:00 PM (IST)
नेताजी की जयंती पर हवन किया

जागरण संवाददाता, मानेसर: गांव नौरंगपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हवन कराया गया। इसके साथ ही गांव के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, बलिदानियों के स्वजन, सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस में तैनात जवानों को और उनके स्वजन को सम्मानित किया गया। गांव नौरंगपुर के निवर्तमान सरपंच प्रदीप यादव ने बताया कि इस दौरान युवाओं को नेताजी के जीवन और बलिदान के बारे में जानकारी दी गई। गांव के बुजुर्गो ने नेता जी के जीवन के बारे में बताया। गांव के निवर्तमान सरपंच सुंदरलाल यादव ने बताया कि कार्यक्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गांव के बलिदानी सूबेदार पार्थ सिंह मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान बेगराज यादव, डा महावीर यादव, सूबेदार देशराज, सत्तू प्रधान, रामअवतार, पूर्व सरपंच रोहताश यादव, योगेश मोर, संजय यादव समेत काफी लोग मौजूद रहे।

खिलाड़ियों को किया सम्मानित

जासं, गुरुग्राम: आल इंडिया स्पो‌र्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन तथा राजपूत एकता फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से रविवार को सेक्टर चार स्थित जिमखाना क्लब में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को पुरुस्कृत किया गया। संस्था के अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान तथा नरसिंह ने बताया कि एथलेटिक्स में जोगेंद्र सिह, स्केटिग में दुर्गेश शेखावत, अजय सिंह व अजय भाटी ने अच्छा प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर संस्था के दलीप सिंह, डीएन सिंह, भूपेंद्र सिंह, सतेंद्र सिह, शिव कुमार, संतोष छोंकर, आरपी सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

स्पेशल सेंटरों में वितरित की पुस्तकें

जासं, गुरुग्राम: जिले के स्पेशल सेंटर में पढ़ रहे विद्यार्थियों को 'कदम किट' वितरित की गई हैं। कदम किट की किताबें कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को दी गई हैं। जिला परियोजना संयोजक कल्पना रंगा ने बताया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से यह पुस्तकें स्पेशल सेंटरों में दी जाती हैं ताकि वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का ब्रिज कोर्स पूरा हो सके। उन्होंने बताया कि ब्रिज कोर्स के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले (ड्रापआउट) और आउट आफ स्कूल चिल्ड्रन (जो कभी स्कूल नहीं गए) उनकी उम्र के हिसाब से कक्षावार पढ़ाया जाता है। इसके बाद उन्हें स्पेशल ट्रेनिग दी जाती है और सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाता है।

असिस्टेंट प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर पंकज वशिष्ठ ने बताया कि जिले में 136 स्पेशल सेंटर हैं। इनमें साढ़े तीन हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर कर रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों को कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम पर आधारित कदम टूल किट वितरित की गई है। अब विद्यार्थियों का ब्रिज कोर्स शुरू करा दिया जाएगा।

Edited By Jagran

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