गुलाबी सुंडी व जलभराव के कारण जिले में खराब हुई थी 1.07 लाख एकड़ में फसल, 95 लाख जारी

जागरण संवाददाता फतेहाबाद हरियाणा सरकार द्वारा जिला फतेहाबाद के जिन किसानों की फसल

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 11:08 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 11:08 PM (IST)
गुलाबी सुंडी व जलभराव के कारण जिले में खराब हुई थी 1.07 लाख एकड़ में फसल, 95 लाख जारी

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद

हरियाणा सरकार द्वारा जिला फतेहाबाद के जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उसके मुआवजा के रूप में 95 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुआवजा राशि को लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में 22 मार्च, 2022 से पहले-पहले वितरण करवाना सुनिश्चित करें। उपायुक्त शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला राजस्व अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक लेकर जिले में जमाबंदी व इंतकाल के लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल ने लंबित मामलों व आगामी कार्य योजना की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में उपायुक्त ने वर्ष 2021-22 की लंबित जमाबंदी, इंतकाला, रजिस्ट्रेशन, डीड डिलीवरी, लंबित राजस्व कोर्ट केस की सूची तथा सर्टिफिकेट के अपलोड किए जाने के आदेश दिए। बैठक में एडीसी अजय चोपड़ा, एसडीएम डॉ. चिनार चहल, सुभाष चंद्र, राजेश कुमार, डीआरओ प्रमोद चहल, तहसीलदार रणविजय सुल्तानिया, रमेश कुमार, विजय सियाल सहित सभी नायब तहसीलदार व संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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पिछले साल मानसून में खराब हुई थी फसलें

पिछले साल जिले में हुई बरसात से हुए जलभराव और नरमे की फसल पर गुलाबी सुंडी के अटैक से जिले में एकलाख सात हजार एकड़ में फसल खराब हुई थी। सबसे अधिक नुकसान नरमे की फसल में हुआ था। धान, बाजरा व मूंग की फसल में भी नुकसान का आंकलन किया गया था।

जिले में 1523 एकड़ धान, 1.03 लाख एकड़ नरमा, 1318 एकड़ बाजरा और 852 एकड़ मूंग की फसल खराब हुई थी। फसलों में हुए इस नुकसान का प्रशासन ने 95 करोड़ रुपये मुआवजा बनाकर सरकार को गिरदावरी रिपोर्ट भेजी थी। जिसके बाद सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

किस खंड में कितना हुआ नुकसान

भट्टूकलां :

भट्टू उप तहसील एरिया में 26 हजार 292 एकड़ में नरमा, कपास, बाजरा, मूंग व धान की फसल में नुकसान हुआ था। इसमें से 22536 एकड़ में 33 से 50 प्रतिशत नुकसान दिखाया गया है। 1450 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तथा 2307 एकड़ फसलों में 75 प्रतिशत अधिक नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है। कुलां :

कुलां उपतहसील इलाके के सात गांवों में 2413 एकड़ फसल प्रभावित हुई थी। इसमें से 182 एकड़ का फसल बीमा था जबकि बाकी की 2231 एकड़ फसल की गिरदावरी मुआवजे के लिए सरकार को भेजी गई थी। फतेहाबाद

फतेहाबाद तहसील एरिया में 7962 एकड़ में 33 से 50 प्रतिशत, 48 हजार 708 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तथा 1112 एकड़ में 75 से 100 प्रतिशत नुकसान हुआ दिखाया गया था। खराब रकबे का प्रशासन ने नियमानुसार 1.33 करोड़ मुआवजा बनाकर भेजा गया था। टोहाना

टोहाना में जलभराव से 21 एकड़ धान व 86 एकड़ नरमा में 33 से 50 प्रतिशत, 7596 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तथा 1140 एकड़ फसल में 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ था। खराब फसल का 1.36 करोड़ मुआवजा की सिफारिश की गई थी। भूना :

भूना उपतहसील एरिया में तेज बरसात व अन्य कारणों से खराब हुई नरमे व धान की फसल का साढ़े 17 हजार एकड़ में नुकसान दिखाया गया है। इस एरिया में सबसे अधिक नुकसान नरमे की फसल में हुआ था तथा कई गांवों में जलभराव से नरमे की फसल नष्ट हो गई थी। रतिया

रतिया तहसील कार्यालय में 20 एकड़ में 25 से 33 प्रतिशत, 573 एकड़ में 33 से 50 प्रतिशत तथा 892 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत नुकसान दिखाया गया है। इस एरिया में 2498 एकड़ भूमि में भी नुकसान हुआ था लेकिन इन किसानों ने फसल का बीमा करवाया हुआ था।

Edited By Jagran

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