देश की रक्षा के लिए 22 युवाओं को सैनिक बना चुका कोबरा कमांडो

जागरण संवाददाता फतेहाबाद कोबरा कमांडो राजवीर सिंह देश की सेवा सेना में जाकर करने

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 07:15 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 07:15 PM (IST)
देश की रक्षा के लिए 22 युवाओं को सैनिक बना चुका कोबरा कमांडो

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : कोबरा कमांडो राजवीर सिंह देश की सेवा सेना में जाकर करने के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें स्पेशल ट्रेनिग पिछले छह सालों से दे रहे है। अब तक वे 22 से अधिक युवाओं को सेना में भर्ती करवा चुके हैं। जब भी छुट्टी में आते हैं तो सुबह व शाम को युवाओं को अभ्यास करवाते हैं। साल में करीब दो से तीन बार अपने घर आते हैं तो युवा स्वस्थ रहे इस लक्ष्य पर काम करते हैं। युवाओं के लिए प्रशिक्षण लेकर आते हैं ताकि वे नशे से दूर रहें। अब उनके साथ शहर के कई गणमान्य लोग जुड़कर कार्य कर रहे हैं। इससे उनके अभियान को गति मिली है। इसके लिए उन्होंने दो वर्ष पहले शहीद राजगुरु स्पो‌र्ट्स क्लब बनाया। जिसमें शहर के व्यवसायी सुरेंद्र पूनिया प्रधान बने। क्लब युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए अन्य सामान भी मुहैया करवाता है। इसके अलावा अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेता है। एमएम कालेज के मैदान में अब प्रतिदिन 50 से अधिक युवा सेना में भर्ती होने के लिए अभ्यास करते हैं।

सात बार में हुए थे भर्ती

राजवीर शहर के ही आजाद नगर निवासी है। सेना में भर्ती होने के लिए छह बार असफल हुए। सातवीं बार उनका चयन सीआरपीएफ में हुआ। इसके बाद उन्होंने मेहनत जारी रखी। 2015 में उनका चयन विश्व की सबसे विशिष्ट फोर्स 'कोबरा' यानी (कमांडो बटालियन फार रिसोल्यूट एक्शन) में हुआ। अब वे छतीसगढ़ व झारखंड के नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी देते हैं। वे युवाओं से कहते है कि मेहनत लगातार करने से सफलता मिलती है। उनकी मेहनत के जरिये अब तक 22 युवा सेना व पैरामिलिट्री में विभिन्न पदों पर भर्ती हो चुके हैं। अब सैनिक ही देते है निशुल्क ट्रेनिग :

अब जो राजवीर के मार्गदर्शन में 22 युवा सेना में भर्ती हुए हैं। ये युवा सैनिक अब जब भी छुट्टियों में आते है तब एमएम कालेज के मैदान में जाकर युवाओं को सेना में भर्ती होने की बारीकियां बताते है। ऐसे में हर समय एक या दो सैनिक युवाओं को सेना में जाने की निशुल्क ट्रेनिग देते है। एमएम कालेज में जगह निर्धारित कर रखी है। जहां वे सुबह और शाम साढ़े पांच से आठ बजे तक कई घंटों की शारीरिक दक्षता, दौड़, वेट ट्रेनिग, ऊंची कूद, कोर कार्डियो आदि ट्रेनिग देते हैं, हालांकि कोरोना काल के चलते यह ट्रेनिग काफी समय तक बाधित रही।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept